उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक शादी उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब लगभग सभी प्रमुख रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। मामला सहायल थाना क्षेत्र के सबलपुर गांव का है, जहां दिबियापुर क्षेत्र के देवराव गांव से अंशु कुमार की बारात पहुंची थी। परिवारों ने पूरे उत्साह के साथ बारात का स्वागत किया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम आगे बढ़े। जयमाल की रस्म भी संपन्न हो चुकी थी और दोनों परिवार शादी की अगली तैयारियों में जुटे थे। मेहमानों के बीच खुशी का माहौल था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यह शादी टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी और पूरी रात तनाव का माहौल बन जाएगा।
चढ़ावे के सामान को लेकर शुरू हुई बहस ने लिया बड़ा रूप
बताया जा रहा है कि जयमाल के बाद चढ़ावे में लाए गए सामान को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आया। शुरुआत में यह केवल बातचीत और शिकायत तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे मामला गर्माता गया। दोनों परिवारों के लोग अपने-अपने पक्ष को सही साबित करने में जुट गए। शादी में मौजूद रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने माहौल शांत कराने की कोशिश की, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा और स्थिति ऐसी बन गई कि शादी समारोह की खुशियां तनाव में बदल गईं। विवाद बढ़ने की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।
दूल्हा बोला- सब तय सामान लाया था, दुल्हन पक्ष ने उठाए सवाल
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें सामने रखीं। दूल्हे अंशु कुमार का कहना था कि वह पहले से तय किए गए सभी सामान और चढ़ावे की वस्तुएं लेकर बारात में पहुंचे थे। उनके अनुसार किसी प्रकार की कमी नहीं थी और उन पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं। दूसरी ओर, दुल्हन पक्ष का कहना था कि कुछ जरूरी सामान तय अनुसार नहीं लाया गया। इसके अलावा दूल्हे के व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई गई। इसी बीच दुल्हन पिंकी ने स्पष्ट रूप से शादी करने से मना कर दिया। परिवार और रिश्तेदारों ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने अपना फैसला नहीं बदला। दुल्हन के इस निर्णय के बाद शादी आगे बढ़ाना संभव नहीं रह गया।
थाने में चली घंटों बातचीत, बिना दुल्हन लौट गई बारात
मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष थाने पहुंचे, जहां देर रात तक बातचीत और पंचायत का दौर चला। पुलिस की मौजूदगी में समझौते की कई कोशिशें हुईं, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल पाया। आखिरकार दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे को दिया गया सामान वापस करने का फैसला किया। इसके बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई के मामले को समाप्त कर दिया गया। शादी पूरी तरह टूट गई और बारात को बिना दुल्हन वापस लौटना पड़ा। गांव और आसपास के इलाकों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि जहां कुछ घंटे पहले शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं मामूली विवाद ने एक रिश्ते को बनने से पहले ही खत्म कर दिया।
