उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और पुतला फूंकने की कोशिश की। इसी दौरान वहां मौजूद एक पुलिस इंस्पेक्टर ने तेजी दिखाते हुए जलाए जाने वाले पुतले का एक हिस्सा अपने हाथ में लिया और मौके से दूर ले गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की खींचतान भी दिखाई देती है। घटना के बाद यह मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है।
कांग्रेस ने लगाया महिलाओं के अपमान का आरोप, माफी की उठाई मांग
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कंगना रनौत ने अपने हालिया बयान में देश की बेटियों और युवा महिलाओं का अपमान किया है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है और एक जनप्रतिनिधि से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भाजपा सांसद सार्वजनिक रूप से अपने बयान पर माफी मांगें। विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और सरकार से भी इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
पुतला जलाने से पहले पुलिस ने रोका, वीडियो बना चर्चा का विषय
लखनऊ के मॉल एवेन्यू क्षेत्र में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहले से ही तैनात थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी पुतला जलाने की तैयारी करने लगे, ड्यूटी पर मौजूद एक इंस्पेक्टर ने तत्काल हस्तक्षेप किया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वह पुतले का एक हिस्सा लेकर तेजी से वहां से हट जाते हैं, जिससे आग फैलने की संभावना को रोका जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कुछ देर तक मौके पर हलचल बनी रही, लेकिन बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई। फिलहाल इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग पुलिस की कार्रवाई पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
कंगना रनौत ने भी वीडियो जारी कर रखा अपना पक्ष
विवाद बढ़ने के बीच कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था, बल्कि समाज में मर्यादा, सभ्यता और जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता पर ध्यान दिलाना था। उन्होंने मीडिया और कुछ स्वयंभू नारीवादियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। कंगना ने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में सभी लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और भाषा व व्यवहार में संयम रखना जरूरी है। उनके इस वीडियो के बाद भी राजनीतिक बहस थमी नहीं है और विभिन्न दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
