दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक खतरनाक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। लश्कर-ए-तैयबा के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया गया, जिसने दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने की बात कबूल की। शब्बीर ने बताया कि उसने कालकाजी, छतरपुर और लोटस टेम्पल जैसे फेमस मंदिरों की रेकी करवाई थी और जानकारी सीधे पाकिस्तान भेजी गई। इसके अलावा शब्बीर ने कनॉट प्लेस के भीड़भाड़ वाले बाजार की भी रेकी करवाई थी। पुलिस का दावा है कि समय रहते इस कार्रवाई के कारण देश में किसी बड़े हमले को टाल दिया गया।
देशभर से 8 आतंकियों की गिरफ्तारी
इस नेटवर्क के कई अन्य सदस्य भी पकड़े गए हैं। दिल्ली, कोलकाता और तिरुप्पुर में छापेमारी कर कुल 8 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 7 बांग्लादेशी नागरिक थे, जो अवैध तरीके से भारत में घुसे थे। मुख्य आरोपी उमर फारूक ने मार्च 2025 में शब्बीर के संपर्क में आने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि नेटवर्क के तार कोलकाता और तिरुप्पुर तक जुड़े हुए थे। इन गिरफ्तारियों के साथ ही एक बड़े आतंकी हमले की योजना को विफल कर दिया गया।
पोस्टरों से खुला पाक-समर्थित नेटवर्क
8 फरवरी 2026 को दिल्ली के जनपथ मेट्रो स्टेशन पर पाकिस्तान समर्थक पोस्टर लगे पाए गए थे। इन पोस्टरों में कश्मीर से जुड़े भड़काऊ संदेश और मारे गए आतंकी बुरहान वानी की तस्वीरें थीं। जांच में सामने आया कि ऐसे पोस्टर दिल्ली के कई इलाकों में लगाए गए। स्पेशल सेल ने टेक्निकल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डेटा की मदद से पूरे नेटवर्क को ट्रेस किया। इसके बाद कोलकाता और तिरुप्पुर में छापेमारी कर अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।
नया खतरा: बांग्लादेश में TRF जैसा संगठन
शब्बीर अहमद लोन ने खुलासा किया कि ISI और लश्कर बांग्लादेश में TRF जैसे आतंकी संगठन बनाने की कोशिश में हैं। इस कदम का मकसद क्षेत्रीय स्तर पर आतंक फैलाना और भारत में हमलों की योजना तैयार करना है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की समय पर कार्रवाई से इस खतरे को अभी टाला गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरफ़्तारी भारत की सुरक्षा व्यवस्था की सफलता का प्रमाण है और भविष्य में भी ऐसे खतरों पर सतर्क रहना जरूरी है।
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