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चलती टाटा सूमो पर अचानक टूटा मौत का पहाड़… कुछ सेकंड में उजड़ गई 13 परिवारों की दुनिया

 चंबा के पांगी-उदयपुर मार्ग पर पहाड़ी से विशाल चट्टान गिरने से टाटा सूमो हादसे का शिकार हुई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 13 लोगों की मौत और 2 घायल हुए। जानिए हादसे की पूरी वजह, प्रशासन की चेतावनी और सड़क की ताजा स्थिति।

हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश अब जानलेवा साबित होती नजर आ रही है। शुक्रवार को चंबा जिले के पांगी-उदयपुर मार्ग पर कडू (काहुडू) नाला के पास ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। कुल्लू से पांगी की ओर जा रही एक टाटा सूमो अचानक पहाड़ी से गिरी विशाल चट्टान की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि वाहन में चालक समेत 15 लोग सवार थे। हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही 13 लोगों की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी प्रशासन द्वारा जारी है।

कुछ ही पलों में पलट गई किस्मत, चालक भी नहीं बच सका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टाटा सूमो सामान्य रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही वाहन कडू नाला के पास पहुंचा, अचानक पहाड़ी से भारी चट्टान टूटकर सीधे गाड़ी पर आ गिरी। चट्टान का वजन इतना अधिक था कि वाहन बुरी तरह दब गया और उसमें बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में चालक बीर सिंह की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले राहत कार्य शुरू किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है ताकि हादसे की सही वजह और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

लगातार बारिश से बढ़ा खतरा, साच पास मार्ग भी पूरी तरह बंद

हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। चंबा जिले की पांगी घाटी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण साच पास मार्ग भी भारी भूस्खलन की वजह से बंद हो गया है। सतरुंडी और रानीकोट नाला के पास बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। लोक निर्माण विभाग की मशीनें मौके पर पहुंच चुकी हैं और सड़क को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होने और मलबा हटने के बाद ही यातायात सामान्य हो सकेगा। फिलहाल इस क्षेत्र में यात्रा करना जोखिम भरा माना जा रहा है।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है। एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि संबंधित विभागों को सड़क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

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