Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो से फोन पर बात की। बातचीत के बाद दीपके ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
9 दिन से भूख हड़ताल पर हैं देवेंद्र महतो
अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्होंने सोमवार को देवेंद्र महतो से फोन पर बातचीत की। महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। दीपके के मुताबिक, बातचीत के दौरान महतो ने उन्हें बताया कि अस्पताल ले जाने से पहले पुलिस ने उनके साथ लाठीचार्ज किया था। इसमें उन्हें चोटें आई हैं और वह सीने में दर्द की भी शिकायत कर रहे हैं। हालांकि, ये बातें दीपके के बताए विवरण पर आधारित हैं।
पुलिस कार्रवाई पर दीपके ने उठाए सवाल
बातचीत के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कहीं भी उचित नहीं है। उनका कहना है कि चाहे दिल्ली का जंतर-मंतर हो या झारखंड, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ बर्बर व्यवहार नहीं होना चाहिए। दीपके ने देवेंद्र महतो के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनके साहस की तारीफ की।
Spoke to Devendra Mahto, who has been on a hunger strike for the past 9 days.
He told me that before being taken to the hospital, he was lathi-charged by the police and suffered injuries. He is also experiencing chest pain.
Be it Jantar Mantar or Jharkhand, such police… pic.twitter.com/o8PkyA2Yps
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 10, 2026
रांची में हजारों छात्रों का प्रदर्शन जारी
रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी रहा। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए जुटे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल ने बढ़ाई चिंता
देवेंद्र महतो के लगातार भूख हड़ताल पर रहने से उनकी तबीयत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अभिजीत दीपके ने कहा कि वह देवेंद्र महतो और उनके आंदोलन के साथ खड़े हैं। फिलहाल छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद बना हुआ है। आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है और सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
