अयोध्या में एक खास मौके पर ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत और यहां के लोगों को लेकर दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें जिस तरह का प्यार, सम्मान और इंसानियत देखने को मिली, वह दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। उन्होंने भारतीयों की दयालुता, ईमानदारी और संवेदनशीलता की खुलकर तारीफ की और कहा कि यहां के लोग पीड़ितों और न्याय के लिए जिस तरह खड़े होते हैं, वह बेहद प्रेरणादायक है।
जंग के बीच भारत-ईरान का मजबूत रिश्ता
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लोगों का ईरान के प्रति समर्थन चर्चा में है। बताया जा रहा है कि मुश्किल वक्त में भारत के लोगों ने ईरान के लिए आर्थिक और भावनात्मक सहयोग दिखाया, जिसे वहां की सरकार और प्रतिनिधियों ने सराहा है। यही वजह है कि ईरान के अधिकारी बार-बार भारत का शुक्रिया अदा कर रहे हैं और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होते नजर आ रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर भारत को बड़ी राहत
इस बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने भरोसा दिलाया है कि भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने साफ कहा कि भारत के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और भारतीय जहाजों को किसी तरह की बाधा नहीं होगी। ऐसे समय में जब अमेरिका के संभावित ब्लॉकेड की चर्चा है, यह आश्वासन भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस सप्लाई गुजरती है। भारत के लिए यह और भी अहम है क्योंकि उसकी करीब 40% कच्चे तेल की जरूरत इसी रास्ते से पूरी होती है। ऐसे में ईरान का यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच यह रिश्ता भारत के लिए रणनीतिक तौर पर भी मजबूत स्थिति बना रहा है।