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“अगर खुद को यदुवंशी मानते हैं तो…” साक्षी महाराज का अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार

साक्षी महाराज

उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर एक बार फिर तेज हो गए हैं। उन्नाव से भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड सांसद साक्षी महाराज ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर एक ऐसा दांव खेला है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अपने आवास पर आयोजित एक अहम प्रेस वार्ता के दौरान साक्षी महाराज ने अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे सचमुच स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज यानी ‘यदुवंशी’ मानते हैं, तो उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर कान्हा की नगरी मथुरा के भव्य विकास के लिए आगे आना चाहिए। भाजपा सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि अयोध्या और काशी के कायाकल्प के बाद अब मथुरा को भव्य स्वरूप देने की बारी है। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में दावा किया कि अगर विपक्ष इस पुनीत कार्य में सहयोग नहीं भी करेगा, तो भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में मथुरा के गौरव को वापस लौटाया जाएगा और उसे एक नया दिव्य रूप दिया जाएगा।

सनातन बोर्ड की मांग का समर्थन और मंदिरों के चढ़ावे पर बड़ी बात

इस प्रेस वार्ता के दौरान साक्षी महाराज सिर्फ अखिलेश यादव पर ही नहीं बरसे, बल्कि उन्होंने देश के सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर द्वारा लंबे समय से की जा रही ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए सांसद ने एक बड़ा विमर्श छेड़ दिया। उन्होंने कहा कि देश के भीतर मंदिरों में आने वाले चढ़ावे और आय का सदुपयोग बेहद पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। साक्षी महाराज के अनुसार, इस धन का इस्तेमाल समाज के उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता के कल्याणकारी कार्यों में किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि देश की सभी धार्मिक संस्थाओं के चढ़ावे को लेकर राष्ट्रहित में एक समान और पूरी तरह से पारदर्शी नीति बनाई जानी चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की गुंजाइश न रहे।

केशव प्रसाद मौर्य का बचाव और एसआईटी जांच पर अटूट भरोसा

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों और अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच, साक्षी महाराज ने सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का खुलकर बचाव किया। हालिया विवादों और राजनीतिक चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा कि राजनीति में किसी को भी बिना वजह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विशेषकर अयोध्या के बहुचर्चित चढ़ावा चोरी मामले और अन्य जांचों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, तो किसी भी नतीजे पर पहुंचने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को भी क्लीन चिट देना या फिर सीधे तौर पर दोषी ठहरा देना पूरी तरह से अनुचित है। साक्षी महाराज ने भरोसा जताया कि एसआईटी बेहद निष्पक्षता से अपना काम कर रही है और बहुत जल्द ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर पूरी सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।

बदलते दौर की राजनीति और विपक्ष के दावों की हवा

प्रेस वार्ता के आखिरी पड़ाव में साक्षी महाराज ने देश और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने दावा किया कि आज के दौर में भारत की जनता सनातन और हिंदुत्व की राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी है, और यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी को लगातार चुनावों में ऐतिहासिक जनसमर्थन और सफलता मिल रही है। सपा और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश और देश में पुराने ढर्रे की, बाहुबल और हेरफेर वाली राजनीति का दौर हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है। अब चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होते हैं, जहां जनता का मत ही सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितने भी भ्रामक दावे कर ले, लेकिन देश की समझदार जनता प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की विकासपरक नीतियों पर अटूट भरोसा जता चुकी है।

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