प्रधानमंत्री Narendra Modi 27 जून से सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सेशेल्स अपने राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती मना रहा है और इसी अवसर पर प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। हिंद महासागर में स्थित यह छोटा द्वीपीय देश भले ही क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से छोटा हो, लेकिन उसकी रणनीतिक स्थिति उसे वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बनाती है। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और यह यात्रा उन रिश्तों को और नई दिशा देने का अवसर मानी जा रही है। इस कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों का प्रतिनिधिमंडल और भारतीय नौसेना के जहाज भी हिस्सा लेने वाले हैं, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग की झलक भी देखने को मिलेगी।
द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने की तैयारी
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. Patrick Herminie के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों नेता व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, सुरक्षा और विकास परियोजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा कर सकते हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। भारत लंबे समय से सेशेल्स के विकास कार्यक्रमों में सहयोग करता रहा है और दोनों देशों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में भी मजबूत संबंध हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
हिंद महासागर में बढ़ता महत्व, वैश्विक नजरें इस दौरे पर
हिंद महासागर आज वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। दुनिया के बड़े हिस्से का समुद्री व्यापार इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में सेशेल्स जैसे देशों का महत्व काफी बढ़ जाता है। भारत इस क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने की नीति पर लगातार काम कर रहा है। समुद्री डकैती, अवैध गतिविधियों और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भारत और सेशेल्स पहले भी साथ मिलकर काम करते रहे हैं। रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस यात्रा से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका और मजबूत हो सकती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दौरे पर विशेष नजर रखी जा रही है।
प्रवासी भारतीयों से मुलाकात और भविष्य की साझेदारी पर फोकस
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान सेशेल्स की संसद को संबोधित कर सकते हैं और वहां रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। सेशेल्स में भारतीय समुदाय लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान देता रहा है। इस मुलाकात को दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा भारत की समुद्री नीति, क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ साझेदारी को नई गति देने का अवसर बन सकती है। आने वाले समय में इस दौरे से जुड़े समझौते और घोषणाएं दोनों देशों के संबंधों को और गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
Read More-भरत तिवारी मामले में प्रशांत किशोर ने आखिर किसे दी खुली चुनौती? कहा- ‘सम्राट चौधरी को…’
