देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को दी गई ‘Melody Toffee’ से जुड़ा है। कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि सरकार आम लोगों को यात्रा कम करने और ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसी सलाह देती है, जबकि खुद प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी विदेशी दौरे का मामला नहीं है, बल्कि सरकार की सोच और आम नागरिकों के प्रति उसके रवैये को दिखाता है। कांग्रेस नेता का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई। भाजपा समर्थकों ने इसे अनावश्यक आलोचना बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला बयान कहा। ‘मेलोडी टॉफी’ का जिक्र होने के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया, क्योंकि हाल के दिनों में पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के मीम और पोस्ट वायरल होते रहे हैं।
पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर कांग्रेस का हमला
आईएएनएस से बातचीत में जेबी मैथर ने कहा कि देश के लोगों को बार-बार यह संदेश दिया जाता है कि उन्हें संसाधनों का कम इस्तेमाल करना चाहिए और यात्रा को सीमित रखना चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ प्रधानमंत्री लगातार विदेश यात्राएं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दुनिया के सामने यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि भारत में सब कुछ सामान्य और बेहतर है, जबकि जमीनी हकीकत इससे अलग है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और कई दूसरी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से इस बयान पर जवाब भी सामने आया। भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने और निवेश बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इन दौरों की वजह से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में लोकसभा चुनावों और राज्यों की राजनीति को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है।
केरल में नई UDF सरकार को लेकर कांग्रेस में उत्साह
जहां एक तरफ केंद्र सरकार को लेकर बयानबाजी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ केरल में नई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार के गठन से कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल है। जेबी मैथर ने नई सरकार को लेकर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब सरकार का पूरा ध्यान जनता के कल्याण और विकास पर रहेगा। कांग्रेस सांसद ने भरोसा जताया कि नई सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी और राज्य में विकास की गति को आगे बढ़ाएगी। कई दिनों की राजनीतिक चर्चा और अंदरूनी बैठकों के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व में 21 सदस्यीय कैबिनेट का गठन पूरा हो गया। इस सरकार को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार युवा नेताओं को ज्यादा मौका दिया गया है, जिससे पार्टी नई पीढ़ी के वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है।
नई कैबिनेट में युवाओं और महिलाओं को मिला मौका
केरल की नई UDF सरकार में कई नए चेहरे शामिल किए गए हैं। कैबिनेट के 21 सदस्यों में से 14 नेता पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें मुख्यमंत्री वीडी सतीशन भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, छह मंत्री ऐसे हैं जो पहली बार विधायक चुने गए और सीधे मंत्री पद तक पहुंचे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और UDF इस फैसले के जरिए नई और युवा नेतृत्व वाली छवि पेश करना चाहती है। सरकार में दो महिला मंत्रियों को भी शामिल किया गया है, जिसे महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई सरकार के सामने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे बड़े मुद्दे हैं। अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि नई टीम अपने वादों को जमीन पर कितना उतार पाती है। फिलहाल जेबी मैथर का बयान और ‘मेलोडी टॉफी’ वाला विवाद राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है, जबकि केरल में नई सरकार से लोगों की उम्मीदें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।
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