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19 मौतों के बाद अमित शाह पहुंचे घायलों से मिलने, पूजा समिति के सचिव-उपाध्यक्ष समेत 7 गिरफ्तार; जांच में क्या आया सामने?

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 19 लोगों की मौत और 25 घायल। अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। पूजा समिति के सचिव-उपाध्यक्ष समेत सात गिरफ्तार।

Kolkata Stampede

Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को कालीघाट मंदिर में दर्शन करने के बाद अपोलो अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हाल जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 25 अन्य घायल हो गए थे। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में शोक का माहौल है। वहीं, पुलिस ने मामले में पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भीड़ बेकाबू कैसे हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे अमित शाह

अमित शाह ने रविवार सुबह कोलकाता के कालीघाट स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपोलो अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। चोरबागान में हुई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज सुनिश्चित करना और हादसे की वजह का पता लगाना है।

पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोग गिरफ्तार

पुलिस ने हादसे के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे शामिल हैं। इसके अलावा बांस के ढांचे के निर्माण, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी पास की जांच और निजी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार अन्य लोगों में बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय, कौशिक साहा, पिंटू डे, सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल के नाम शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके पास थी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका अहम हो गई है।

बारिश के बीच कैसे मची भगदड़? 

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम अचानक तेज बारिश होने के बाद लोग बचने के लिए पंडाल के भीतर जाने लगे। इस दौरान प्रवेश और निकास द्वार के पास भीड़ बढ़ गई और धक्का-मुक्की के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शुरुआती जांच में माइक पर वीआईपी पास को लेकर की गई घोषणा और निजी सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस पंडाल के रास्तों की चौड़ाई, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, हादसे की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल घायलों के इलाज और जिम्मेदारी तय करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

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