Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भारत और ईरान के रिश्तों को लेकर एक अहम संदेश सामने आया है। तेहरान में आयोजित राजकीय अंतिम विदाई समारोह में शामिल होने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का ईरान ने सार्वजनिक रूप से आभार जताया। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि शोक की इस घड़ी में भारत ने जिस सम्मान और संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह दोनों देशों की वर्षों पुरानी दोस्ती और आपसी विश्वास को दर्शाता है। दूतावास ने अपने संदेश में कहा कि भारत का यह सहयोग ईरान के लोगों के लिए हमेशा यादगार रहेगा और दोनों देशों के रिश्तों को आगे भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कई प्रमुख हस्तियां भी पहुंचीं
अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत की ओर से उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा शामिल रहे। दोनों नेताओं ने अंतिम संस्कार में भाग लेकर भारत की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और देश के अलग-अलग धार्मिक समुदायों से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहकर संवेदना व्यक्त की। ईरानी दूतावास ने कहा कि भारत के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधियों की यह उपस्थिति केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का मजबूत प्रमाण भी थी।
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in the Republic of India extends its heartfelt gratitude and sincere appreciation to the friendly Government and people of India, especially the official delegation that attended on behalf of the Government and people of India, for… pic.twitter.com/Xv01SK2fjz
— Iran in India (@Iran_in_India) July 5, 2026
लाखों लोगों की मौजूदगी में निकली अंतिम यात्रा
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह तेहरान से शुरू हुई। अनुमान लगाया गया कि यह यात्रा करीब 10 से 12 घंटे तक चलेगी और इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है। राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे खामेनेई के ताबूत को विशेष रूप से सजाए गए वाहन पर रखा गया, जिसके पीछे बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े। कई लोग ताबूत को छूने या अपने कपड़े उससे स्पर्श कराने की कोशिश करते दिखाई दिए, जिसे ईरान में श्रद्धा और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों की भारी भीड़ बनी रही। प्रशासन ने जगह-जगह पानी के छिड़काव की व्यवस्था की और सुरक्षा एजेंसियों ने लगातार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मशहद में होगा सुपुर्द-ए-खाक, राष्ट्रीय शोक जारी
ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम यात्रा तेहरान की प्रमुख सड़कों से होकर मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंची, जहां से अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को उनके जन्मस्थान मशहद ले जाने की तैयारी की गई। वहां उन्हें इमाम रज़ा की दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान पूरे देश में राष्ट्रीय शोक जारी है और कई सार्वजनिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। ईरानी सरकार का कहना है कि यह आयोजन केवल एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि देश की एकता, अपने दिवंगत नेता के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। वहीं भारत को दिया गया धन्यवाद संदेश यह संकेत भी देता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंध आगे भी मजबूत बनाए रखने की इच्छा बनी हुई है।
