बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू होने से ठीक पहले राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बिना स्पष्ट जानकारी दिए हिरासत में ले लिया। इस दावे के बाद वह अपने सहयोगियों के साथ जक्कनपुर थाना पहुंचे, जहां पुलिस अधिकारियों से उनकी लंबी बहस हुई। थाने के अंदर हुई इस नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मतदान से पहले हुई इस घटना ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
थाने में SHO और प्रशांत किशोर के बीच हुई तीखी बहस
जक्कनपुर थाने में प्रशांत किशोर और थाना प्रभारी के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत और बहस का दौर चला। इसी दौरान एक ऐसा बयान सामने आया जिसने विवाद को और बढ़ा दिया। आरोप है कि बहस के दौरान SHO ने कहा कि “वर्दी उतारकर आप सबको बता देंगे।” इस पर प्रशांत किशोर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या उन्हें धमकाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारी को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और किसी भी तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं है। थाने के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के कारण वहां कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा।
हार के डर से हताश अब भाजपा प्रशासन की मदद से चुनाव लड़ रही है। बांकीपुर की जनता इसका जवाब देगी। #PrashantKishor #BankipurWithPK pic.twitter.com/BWlu2f79Dr
— Jan Suraaj (@jansuraajonline) July 29, 2026
जन सुराज ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस से मांगा जवाब
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी के 16 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई स्पष्ट मामला या एफआईआर की जानकारी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि चुनाव से पहले पार्टी के लोगों को रोकने के लिए पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने कानून का उल्लंघन किया है तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना जानकारी दिए लोगों को हिरासत में रखना उचित नहीं है। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी मांगेंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर किन आधारों पर उनके कार्यकर्ताओं को रोका गया।
मतदान के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल, अब आगे की कार्रवाई पर नजर
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बांकीपुर विधानसभा सीट पर तय समय के अनुसार मतदान शुरू हो गया। हालांकि थाने में हुए विवाद के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। जन सुराज ने निष्पक्ष चुनाव की मांग दोहराई है, जबकि पुलिस की ओर से पूरे मामले में आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में क्या जानकारी देती है और प्रशांत किशोर द्वारा उठाए गए सवालों का क्या जवाब सामने आता है। चुनावी माहौल के बीच यह मामला आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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