उत्तर प्रदेश में 12वीं पास करने वाली छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए कई छात्रवृत्ति योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं के जरिए छात्राओं को कॉलेज और अन्य उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की बेटियों को आगे पढ़ने में आसानी होती है। सरकार का उद्देश्य है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी छात्रा की पढ़ाई न रुके।
यूपी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप से मिलेगी आर्थिक सहायता
यूपी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप राज्य की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इसका लाभ 11वीं कक्षा से लेकर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को मिलता है। इस योजना के तहत छात्राओं की फीस के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए भी सहायता दी जाती है। सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं एससी और एसटी वर्ग के लिए आय सीमा 2.5 लाख रुपये तय की गई है।
मेधावी छात्राओं को मिलेगा 30 हजार रुपये
कन्या विद्याधन योजना भी छात्राओं के लिए काफी लाभदायक है। इस योजना के तहत 12वीं में अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को 30 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। यह राशि छात्राएं आगे की पढ़ाई, किताबें खरीदने या कॉलेज में दाखिले के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इस योजना का मकसद बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक बोझ कम करना है। यूपी बोर्ड और सीबीएसई की पात्र छात्राएं इसका लाभ ले सकती हैं।
तकनीकी पढ़ाई के लिए भी मिल रही मदद
जो छात्राएं इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पॉलिटेक्निक या अन्य तकनीकी कोर्स में दाखिला लेना चाहती हैं, वे प्रगति स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकती हैं। इस योजना के तहत हर साल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा केंद्र सरकार की कई छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर भी आवेदन किया जा सकता है। इच्छुक छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर जरूरी दस्तावेज जमा करके इन योजनाओं का लाभ ले सकती हैं। समय पर आवेदन करने से छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।
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