उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। राज्य में जुलाई के पहले सप्ताह में नए बिजली टैरिफ की घोषणा होने की संभावना है। इस बार सरकार और विद्युत नियामक आयोग उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी में हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही कई ऐसे फैसले भी लिए जा सकते हैं, जिनसे आम लोगों का आर्थिक बोझ कम होगा। खासकर स्मार्ट मीटर और घरेलू बिजली कनेक्शन से जुड़े नियमों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो लाखों उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।
स्मार्ट मीटर का खर्च कंपनियां उठा सकती हैं
नए टैरिफ में सबसे बड़ा बदलाव स्मार्ट मीटर को लेकर हो सकता है। अभी बिजली कंपनियां चाहती हैं कि स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च उपभोक्ताओं से लिया जाए, लेकिन नियामक आयोग इस मांग को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है। माना जा रहा है कि स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च बिजली कंपनियों को ही उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। अभी स्मार्ट मीटर की जांच के लिए कुछ जगहों पर चेक मीटर लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। नई गाइडलाइन में इन जानकारियों को लोगों के सामने रखने की व्यवस्था की जा सकती है, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत हो।
घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी मिल सकती है राहत
नई बिजली नीति में उन लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपने घर से छोटा व्यापार या दुकान चलाते हैं। फिलहाल ऐसे मामलों में कई लोगों को व्यावसायिक बिजली कनेक्शन लेना पड़ता है, जिससे बिल ज्यादा आता है। नए नियमों के तहत इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा बहुमंजिला इमारतों में नए बिजली कनेक्शन देने के नियम भी आसान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, बिजली शिकायत हेल्पलाइन 1912 पर आने वाली शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार परेशान न होना पड़े।
फ्यूल सरचार्ज को लेकर भी हो सकता है बड़ा फैसला
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दावा किया है कि पिछले 14 महीनों में फ्यूल सरचार्ज की गलत गणना के कारण उपभोक्ताओं से करीब 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूले गए। परिषद ने इस मामले को नियामक आयोग के सामने उठाया है और अतिरिक्त राशि वापस दिलाने की मांग की है। आयोग ने भी गणना के तरीके पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नए टैरिफ में इस मुद्दे पर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो उपभोक्ताओं को भविष्य में राहत मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त वसूली के मामले में भी सकारात्मक निर्णय देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली नई टैरिफ घोषणा पर टिकी है।
