उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए शुरुआती 15 दिनों तक टोल फ्री यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस कदम को आम जनता के लिए राहत भरा बताया है। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो मेरठ से प्रयागराज के बीच इस नए हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना चाहते हैं। इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद लोगों को इस आधुनिक सड़क का अनुभव कराने के साथ-साथ ट्रैफिक को धीरे-धीरे व्यवस्थित करना भी है। टोल फ्री सुविधा सीमित समय के लिए है, जिससे शुरुआती दिनों में ज्यादा से ज्यादा लोग इस एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकें।
594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसकी कुल लंबाई करीब 594 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ता है। पहले जहां इस दूरी को तय करने में 10 से 12 घंटे लगते थे, अब वही सफर लगभग 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस पर अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जिससे यात्रा तेज और आरामदायक हो गई है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिससे इन क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
15 दिन बाद कितना देना होगा टोल?
हालांकि शुरुआत के 15 दिन तक यात्रा पूरी तरह फ्री रहेगी, लेकिन इसके बाद इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू हो जाएगी। मेरठ से प्रयागराज तक कार या जीप से सफर करने वालों को लगभग 1800 रुपये तक का टोल देना पड़ सकता है। वहीं टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए करीब 900 रुपये और मिनी बस या छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए करीब 2800 रुपये तक का शुल्क तय किया गया है। यह टोल सिस्टम पूरी तरह FASTag आधारित होगा, जिसमें दूरी के हिसाब से ऑटोमैटिक कटौती की जाएगी। यानी जितना सफर करेंगे, उसी हिसाब से टोल लगेगा। एंट्री पर कोई भुगतान नहीं होगा, लेकिन एग्जिट पर कुल दूरी के आधार पर शुल्क लिया जाएगा।
सुरक्षा के लिए भी गेमचेंजर साबित होगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। इसके जरिए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नए निवेश के अवसर पैदा होंगे। खास बात यह है कि शाहजहांपुर के पास इस एक्सप्रेसवे पर 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जिसका उपयोग जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना कर सकेगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने यह फैसला लिया है कि शुरुआत के 15 दिन लोगों को फ्री सफर की सुविधा देकर उन्हें इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मौका दिया जाए। आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रियों बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
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