Home देश अचानक हिली धरती, दफ्तरों से बाहर भागे कर्मचारी—कोलकाता में भूकंप से हड़कंप

अचानक हिली धरती, दफ्तरों से बाहर भागे कर्मचारी—कोलकाता में भूकंप से हड़कंप

कोलकाता में 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। केंद्र बांग्लादेश में बताया जा रहा है। लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकले, प्रशासन सतर्क।

कोलकाता

Kolkata Earthquake News: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शुक्रवार सुबह अचानक धरती कांप उठी। 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटकों ने लोगों को चौंका दिया। कुछ सेकंड तक चले इन झटकों के बाद कई इलाकों में लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप का केंद्र बांग्लादेश में बताया जा रहा है, लेकिन इसका असर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में महसूस किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, हालांकि प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

अचानक हिली जमीन, दहशत में आए लोग

सुबह के समय जब ज्यादातर लोग अपने कामकाज में व्यस्त थे या घरों में मौजूद थे, तभी जमीन में कंपन महसूस हुआ। कई लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि शायद कोई भारी वाहन गुजर रहा है, लेकिन जब झटके तेज हुए तो लोग तुरंत बाहर निकल आए। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने ज्यादा कंपन महसूस होने की बात कही।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के अनुभव साझा किए। कई वीडियो सामने आए, जिनमें लोग खुले मैदानों और सड़कों पर खड़े दिखाई दिए। दफ्तरों और बाजारों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन अचानक आए इस कंपन ने लोगों को सहमा दिया।

बांग्लादेश में केंद्र, पश्चिम बंगाल में असर

भूकंप की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसका केंद्र बांग्लादेश में स्थित था। भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई, जो मध्यम श्रेणी में आती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तीव्रता का भूकंप आमतौर पर हल्का से मध्यम नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर यदि केंद्र आबादी वाले क्षेत्र के करीब हो।

भूकंप के झटके पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में महसूस किए गए, जिनमें राजधानी कोलकाता प्रमुख है। फिलहाल वेस्ट बंगाल प्रशासन ने किसी जान-माल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है। आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

प्रशासन की क्या तैयारी?

भूकंप के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि पूर्वी भारत और बांग्लादेश का इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में समय-समय पर मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं। हालांकि इस बार नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन यह घटना आपदा तैयारियों की अहमियत को फिर से याद दिलाती है।

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि भविष्य में अगर झटके महसूस हों तो घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। ऊंची इमारतों में रहने वालों को सीढ़ियों का उपयोग करने और लिफ्ट से बचने की सलाह दी गई है। स्कूलों और दफ्तरों को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कोलकाता में आए इस भूकंप ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदाएं बिना चेतावनी के आ सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोगों के मन में डर जरूर बैठ गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में क्या आफ्टरशॉक्स महसूस होंगे या स्थिति सामान्य बनी रहेगी।

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