Jabalpur Accident: मध्य प्रदेश के Jabalpur स्थित Bargi Dam में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। इस दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं 7 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। हादसे के बाद से ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रातभर चले ऑपरेशन के बाद सुबह होते ही रेस्क्यू अभियान में तेजी लाई गई और डूबे हुए क्रूज को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
क्रेन की मदद से निकाला जा रहा डूबा क्रूज
रेस्क्यू टीम अब क्रूज को पानी से बाहर निकालने के लिए भारी मशीनरी और क्रेन का इस्तेमाल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक क्रूज पूरी तरह बाहर नहीं निकलेगा, तब तक मृतकों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल है। हादसे की खबर मिलते ही यात्रियों के परिजन मौके पर पहुंचने लगे, जिससे घटनास्थल का माहौल बेहद भावुक हो गया। बचाए गए घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय राहत और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने पर है।
आज जबलपुर में तेज आंधी-तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का ऑपरेशन लगातार जारी है।
लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह जी, पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 30, 2026
आंधी-तूफान बना हादसे की बड़ी वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तेज आंधी और खराब मौसम के कारण हुआ। अचानक मौसम बिगड़ने से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह डैम में डूब गया। इस घटना के बाद प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही सतर्क हो गए हैं। घटना के समय क्रूज में कई परिवार और पर्यटक सवार थे, जो घूमने के लिए यहां आए थे। हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मौसम की चेतावनियों को नजरअंदाज करने के खतरों को उजागर किया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासनिक स्तर पर भी पूरी टीम—मंत्री, सांसद, पुलिस और जिला अधिकारी—रातभर घटनास्थल पर मौजूद रही। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि लापता लोगों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
