Delhi High Court परिसर में बुधवार को एक अजीब स्थिति देखने को मिली, जब वकीलों की कैंटीन में अचानक मेन कोर्स का खाना बनना बंद हो गया। कैंटीन प्रबंधन ने बताया कि उनके पास एलपीजी गैस सिलेंडर खत्म हो गए हैं, जिसके कारण दाल-चावल, राजमा-चावल और अन्य लंच आइटम तैयार नहीं किए जा सके। आमतौर पर यहां रोजाना सैकड़ों वकील और कर्मचारी लंच करते हैं, लेकिन गैस की कमी के कारण कैंटीन को मजबूरी में कई प्रमुख व्यंजन बंद करने पड़े। इससे कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही गैस की सप्लाई दोबारा शुरू होगी, खाने की व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी।
हर दिन करीब हजार लोग करते हैं लंच
कैंटीन मैनेजर मोहर सिंह के मुताबिक, इस कैंटीन में हर दिन लगभग 1000 वकील और कर्मचारी लंच के लिए आते हैं। आम दिनों में यहां दाल-चावल, कढ़ी-चावल, राजमा-चावल, छोले-चावल, चिकन और बिरयानी जैसे कई लोकप्रिय व्यंजन तैयार किए जाते हैं। लेकिन बुधवार को गैस सिलेंडर खत्म होने के कारण इन सभी आइटम्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। मैनेजर ने बताया कि गैस की कमी अचानक सामने आई, जिसके बाद कैंटीन स्टाफ ने तुरंत लंच के सभी गैस-आधारित आइटम बंद कर दिए। हालांकि सुबह का नाश्ता पहले से तैयार होने के कारण वह सामान्य रूप से चलता रहा। लेकिन लंच के समय आने वाले लोगों को बिना मेन कोर्स के ही काम चलाना पड़ा।
कई जगह कोशिश के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर
कैंटीन प्रबंधन का कहना है कि गैस की कमी को दूर करने के लिए उन्होंने कई गैस एजेंसियों और सप्लायर से संपर्क किया, लेकिन उन्हें तुरंत सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो सका। मैनेजर मोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग जगहों पर फोन करके गैस की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गैस की सप्लाई कब तक बहाल हो पाएगी। इसी वजह से कैंटीन को फिलहाल सीमित मेन्यू के साथ ही काम चलाना पड़ रहा है। इस स्थिति ने कैंटीन स्टाफ के साथ-साथ रोजाना यहां खाने आने वाले वकीलों और कर्मचारियों को भी असुविधा में डाल दिया है।
बिना गैस बनने वाले आइटम से चल रहा काम
गैस की कमी के बावजूद कैंटीन पूरी तरह बंद नहीं की गई है। प्रबंधन ने ऐसे आइटम्स पर ध्यान दिया है जो बिना गैस के तैयार किए जा सकते हैं। फिलहाल कैंटीन में पनीर सलाद, चिकन सलाद, सैंडविच और अन्य हल्के फूड आइटम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही गैस सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े संस्थानों में गैस सप्लाई रुकने से रोजमर्रा की व्यवस्था पर तुरंत असर पड़ता है। दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन का यह मामला भी इसी का उदाहरण है, जहां गैस की कमी के कारण सैकड़ों लोगों के लंच पर असर पड़ा। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति कब तक सामान्य हो पाती है।
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