भारतीय जनता पार्टी के नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत का हिस्सा था और आगे भी भारत का ही रहेगा। बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ही POK को भारत में शामिल कराने में सफल होगी। उनके इस बयान ने कश्मीर के मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा को फिर तेज कर दिया है। POK लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का विषय रहा है। भारत इसे अपना अभिन्न हिस्सा मानता है, जबकि इस क्षेत्र पर पाकिस्तान का नियंत्रण है। बृजभूषण सिंह ने अपने बयान के जरिए केंद्र सरकार के नेतृत्व पर भरोसा जताया और इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर क्यों भड़के BJP नेता?
बृजभूषण शरण सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अब्दुल्ला को बड़ा और अनुभवी नेता बताया, लेकिन साथ ही कहा कि उनके कुछ बयानों से पाकिस्तान के प्रति झुकाव दिखाई देता है। बृजभूषण सिंह की यह टिप्पणी कश्मीर से जुड़े बयान को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आई है। फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अलग-अलग राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस मुद्दे पर अब्दुल्ला की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़ा है। इस तरह POK और कश्मीर को लेकर नेताओं के बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।
कांग्रेस की रैली पर भी कसा तंज, व्यापारियों की परेशानी पर कही ये बात
बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली पर भी टिप्पणी की। रैली की तारीख को लेकर व्यापारियों की ओर से जताई जा रही चिंताओं और त्योहारों के दौरान कारोबार प्रभावित होने की आशंका पर उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दो-चार दिन में ऐसा क्या हो जाएगा और आरोप लगाया कि प्रदर्शन अक्सर छुट्टी वाले दिन ही आयोजित किए जाते हैं। कांग्रेस की इस रैली में मतदाता सूची और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। वहीं, व्यापारियों की चिंता यह है कि आयोजन के कारण बाजारों में आवाजाही और कारोबार पर असर पड़ सकता है। बृजभूषण सिंह की टिप्पणी ने रैली को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी में एक और मुद्दा जोड़ दिया है।
SIR और चुनाव आयोग पर भी रख चुके हैं पक्ष, विपक्ष पर साधते रहे हैं निशाना
बृजभूषण शरण सिंह इससे पहले भी चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के सवालों के बीच वह संवैधानिक संस्थाओं का बचाव करते नजर आए हैं। उनका कहना रहा है कि यदि विपक्ष को मौजूदा व्यवस्था पर आपत्ति है, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सत्ता में आकर कानून में बदलाव करना चाहिए। वह कांग्रेस पर भी लगातार निशाना साधते रहे हैं। अब POK पर उनके ताजा बयान के बाद कश्मीर, केंद्र सरकार और विपक्ष की राजनीति को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, POK को भारत में शामिल किए जाने को लेकर उन्होंने जो दावा किया है, वह उनका राजनीतिक बयान है; इसे किसी घोषित समयसीमा या पूरी हो चुकी सरकारी कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
