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CM योगी आदित्यनाथ को चंद्रशेखर आजाद की खुली चुनौती, क्यों कही राजनीति छोड़ने की बात?

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले चंद्रशेखर आजाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ को बिजनौर की किसी भी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा

चंद्रशेखर आजाद

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने लगी है। इसी बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनावी चुनौती दी है। अमरोहा के हसनपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजनौर जिले की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। चंद्रशेखर के मुताबिक, अगर योगी आदित्यनाथ उनकी चुनौती स्वीकार करते हैं, तो वह भी उसी सीट से उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मुकाबले में उनकी पार्टी मुख्यमंत्री को हराकर दिखाएगी। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री इस चुनौती पर कोई जवाब देंगे और क्या आने वाले समय में दोनों नेताओं के बीच चुनावी मुकाबले की स्थिति बन सकती है?

बिजनौर की आठ सीटों में से कोई भी चुन लें योगी, चंद्रशेखर ने क्यों दिया खुला ऑफर?

चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने मुख्यमंत्री को किसी एक तय सीट तक सीमित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बिजनौर जिले में विधानसभा की आठ सीटें हैं और योगी आदित्यनाथ इनमें से अपनी पसंद की किसी भी सीट का चुनाव कर सकते हैं। उनके अनुसार, जिले की चार सीटों पर बीजेपी के विधायक हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के पास चुनाव लड़ने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि योगी आदित्यनाथ अपनी सीट का नाम घोषित कर दें, इसके बाद वह अपनी पार्टी की ओर से उसी सीट पर मुकाबले की तैयारी करेंगे। उन्होंने इस संभावित चुनावी टक्कर को दोनों पक्षों की राजनीतिक ताकत परखने का मौका बताया। चंद्रशेखर का दावा है कि इससे मुख्यमंत्री की लोकप्रियता और बिजनौर में आजाद समाज पार्टी के जनाधार का अंदाजा लग सकेगा। हालांकि, अभी यह केवल चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) की ओर से दी गई चुनौती है। मुख्यमंत्री की तरफ से इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

2022 में गोरखपुर में मिली थी हार, फिर भी योगी को ललकारने से पीछे नहीं हटे चंद्रशेखर

अपनी नई चुनौती के दौरान चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उस चुनाव में उन्होंने गोरखपुर सदर सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी। चंद्रशेखर ने खुद इस चुनावी नतीजे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद वह मुख्यमंत्री को सीधे मुकाबले के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल और उनकी लोकप्रियता को लेकर किए जाने वाले दावों पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री को अपनी लोकप्रियता पर पूरा भरोसा है, तो उन्हें बिजनौर आकर चुनाव लड़ना चाहिए। चंद्रशेखर के इस बयान को 2027 के चुनाव से पहले अपनी पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी और ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा सकता है।

सर्वे पर भी उठाए सवाल, अब मुख्यमंत्री के जवाब का इंतजार

चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने बातचीत के दौरान चुनावी सर्वे और सरकार से जुड़े राजनीतिक दावों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सर्वे के जरिए लोगों की राय को प्रभावित करने और राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। उनके मुताबिक, उनकी पार्टी ऐसे दावों से प्रभावित हुए बिना चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है। हालांकि, उनके बयान में मुख्यमंत्री को चुनाव में हराने का दावा जरूर किया गया, लेकिन इस संभावित मुकाबले को लेकर अभी कोई औपचारिक चुनावी घोषणा नहीं हुई है। चंद्रशेखर आजाद फिलहाल नगीना के सांसद हैं और उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया पर रहेगी। क्या वह बिजनौर की किसी सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार करेंगे या इस बयान को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा मानेंगे? इसका जवाब आने वाले दिनों में ही मिल सकेगा।

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