झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे के मामले में रांची पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह मामला छात्रों के बयान के आधार पर अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और वीडियो फुटेज की मदद से उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस के साथ हिंसक व्यवहार करने का प्रयास किया।
विधानसभा घेराव के दौरान बिगड़े हालात
छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। इसी क्रम में बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने रांची की सड़कों पर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कुछ छात्रों के साथ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस पर पथराव करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भीड़ को वहां से हटाया।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बयान पर दर्ज हुआ केस
विधानसभा थाना पुलिस ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से दिए गए बयान के आधार पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। दर्ज मामले में बैरिकेडिंग तोड़ने, हंगामा करने और पुलिस पर हमला करने समेत कई आरोपों को शामिल किया गया है। अब पुलिस घटनास्थल पर मौजूद वीडियो और दूसरे उपलब्ध फुटेज को खंगालेगी। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि हंगामे के दौरान वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस छात्रों के बयान और वीडियो फुटेज को मिलाकर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी है आंदोलन
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करना और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना है। छात्र संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला लिया। अब FIR दर्ज होने के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में आगे की पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि हंगामे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कब तक हो पाती है।
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