कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। दिल्ली के कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने दोनों नेताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बदलाव के लिए आवाज उठाने वाले दो युवा आज जेल में बंद हैं। दीपके ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इन दोनों ने बदलाव के लिए लड़ने के उद्देश्य से अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़ दी। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए जेल में डाले जाने की स्थिति पर भी सवाल उठाया। हालांकि, गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर दीपके के बयान उनके अपने आरोप और विचार हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई और उससे जुड़े कानूनी पहलू भी अहम हैं। अब सबकी नजर शुक्रवार को होने वाले मार्च और इस दौरान CJP की आगे की रणनीति पर टिकी है।
आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत पर क्या बोले अभिजीत दीपके?
अभिजीत दीपके ने 15 अक्टूबर को एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद तीसरा दिन है और दोनों अब भी जेल में हैं। उन्होंने अपने संदेश में दोनों को बदलाव के लिए संघर्ष करने वाले युवा बताया। दीपके ने यह सवाल भी उठाया कि अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कारण किसी व्यक्ति को जेल जाना पड़े, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए। CJP नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पार्टी ने दोनों की गिरफ्तारी के विरोध में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की है। इससे पहले आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रतिबंधों के बावजूद प्रवेश करने और सुरक्षा घेरा तोड़ने से जुड़े मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। दीपके ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। हालांकि, न्यायिक हिरासत का फैसला और उससे जुड़े आरोप कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कनॉट प्लेस में शुक्रवार शाम 5 बजे निकलेगा तिरंगा मार्च
CJP ने आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के विरोध में 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया है। अभिजीत दीपके ने लोगों से शुक्रवार शाम पांच बजे वहां पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। साथ ही, जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, उनसे अपने-अपने शहरों में तिरंगा फहराने का आग्रह किया गया है। दीपके ने यह भी कहा कि अपील करने के कारण उन्हें जेल जाना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद प्रस्तावित मार्च को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी और पुलिस की ओर से क्या इंतजाम किए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। मार्च को लेकर आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों और आयोजकों के कदमों पर निर्भर करेगी।
It’s Day 3 of Ashu and Saurav’s illegal arrest.
Two young men who gave up their comfortable lives to fight for change are now languishing in jail.
Imagine being jailed in your own country for waving your own national flag. 🇮🇳 https://t.co/uXXzOdlAcr
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 15, 2026
केंद्र सरकार पर लगाया अघोषित आपातकाल का आरोप
तिरंगा मार्च की घोषणा से पहले अभिजीत दीपके ने नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनाई जा रही है। दीपके ने कहा कि यदि सरकार आपातकाल लगाना चाहती है, तो उसे इसकी आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने CJP को स्वतंत्र समूह बताया। उनके मुताबिक, पार्टी अपनी अलग पहचान बनाए रखेगी और इसका मतलब यह नहीं है कि वह INDIA गठबंधन के खिलाफ है। दीपके ने संकेत दिया कि अलग-अलग संगठन अपने स्तर पर काम करते हुए कुछ मुद्दों पर समान उद्देश्य के साथ आंदोलन कर सकते हैं। फिलहाल CJP की ओर से घोषित तिरंगा मार्च और दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं। अब देखना होगा कि 16 अक्टूबर के कार्यक्रम के बाद मामले में क्या नया घटनाक्रम सामने आता है।
