बिहार की राजधानी Patna में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर को लेकर अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। इसी बीच एक गैस एजेंसी संचालक के बयान ने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थित सत्या गैस एजेंसी के संचालक सोनल कुमार ने दावा किया है कि गैस की कमी के बीच वीवीआईपी लोगों की मांग भी पूरी करनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary के आवास से अधिकारियों को भेजकर सिलेंडर की मांग की गई थी। एजेंसी संचालक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस शुरू हो गई है।
एजेंसी संचालक ने क्या कहा
सत्या गैस एजेंसी के संचालक सोनल कुमार का कहना है कि एक दिन पहले उनके पास उपमुख्यमंत्री के घर से सिलेंडर लेने के लिए एक अधिकारी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अधिकारी ने करीब 15 सिलेंडर की मांग की थी। एजेंसी संचालक के मुताबिक उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोदाम की चाबी ले लें और जितने सिलेंडर उपलब्ध हों, ले जा सकते हैं। सोनल कुमार का दावा है कि उस समय गोदाम में केवल चार भरे हुए सिलेंडर ही मौजूद थे, जिन्हें अधिकारी अपने साथ ले गए। उन्होंने यह भी कहा कि अगले दिन जब ग्राहक सिलेंडर लेने पहुंचे तो उनके पास देने के लिए गैस उपलब्ध नहीं थी। इस बयान के सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
सर्वर समस्या और केवाईसी भी बनी परेशानी
गैस एजेंसी संचालक ने यह भी बताया कि एलपीजी की आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। उनके अनुसार गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला सर्वर कई बार बंद हो जाता है या क्रैश हो जाता है। इसके कारण ग्राहकों को सिलेंडर बुक करने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से ग्राहकों के लिए केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। लेकिन एजेंसी संचालक का कहना है कि केवाईसी करने के दौरान भी सर्वर बार-बार बंद हो जाता है, जिससे काम काफी धीमा हो गया है। उन्होंने बताया कि एक ग्राहक का केवाईसी पूरा होते ही सिस्टम ठप हो जाता है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसी वजह से गैस एजेंसी के बाहर भीड़ भी बढ़ रही है।
अफवाहों से भी बढ़ रही है लोगों की चिंता
एलपीजी संकट को लेकर लोगों के बीच कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। एजेंसी संचालक का कहना है कि कई लोग यह सोचकर जल्दी-जल्दी गैस बुकिंग करवा रहे हैं कि कहीं सिलेंडर खत्म न हो जाए। इस वजह से भी गैस एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर जिला प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि शहर में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। हालांकि एजेंसी संचालक का दावा है कि उनके पास फिलहाल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं और इसी वजह से ग्राहकों को परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक दावों और जमीनी हालात को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही आपूर्ति की स्थिति सामान्य होगी और उन्हें सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
