मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात आरक्षक इसेंद्र सिंह भदौरिया ने कथित तौर पर अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद जवान और अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल हालत में आरक्षक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। इस घटना ने सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन को भी हैरान कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जानकारी जुटाई जा रही है।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जानकारी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरक्षक को मुरार स्थित सेना अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी हालत की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद घटनास्थल को सुरक्षित कर सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने आरक्षक की सर्विस रायफल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि हथियार में मौजूद कई गोलियों का इस्तेमाल हुआ था, जिसके कारण घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
जांच में सामने आई पारिवारिक तनाव की बात
पुलिस जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह मामला व्यक्तिगत तनाव से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक आरक्षक के पारिवारिक जीवन में लंबे समय से कुछ परेशानियां चल रही थीं। बताया जा रहा है कि परिवार के कुछ सदस्यों के साथ उनके संबंध सामान्य नहीं थे और इसी कारण वह मानसिक दबाव में रह रहे थे। हालांकि जांच एजेंसियां केवल शुरुआती जानकारियों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहतीं। पुलिस का कहना है कि परिवार के लोगों और साथ काम करने वाले कर्मचारियों से बातचीत की जा रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना से पहले आरक्षक के व्यवहार में किसी तरह का बदलाव देखा गया था या नहीं।
हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फोरेंसिक जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय परिस्थितियां क्या थीं और आरक्षक ने यह कदम किन कारणों से उठाया। फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह सामने आएगी। वहीं इस दुखद घटना के बाद आरक्षक के परिवार में शोक का माहौल है। सुरक्षा बलों के साथी जवान भी इस घटना से बेहद दुखी हैं। पूरे मामले पर सभी की नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
