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लखनऊ से वृंदावन तक 400 Km साइकिल चला 7वीं का छात्र, प्रेमानंद महाराज से मिलने की चाह ने दी ताकत

मां की डांट से नाराज होकर घर से निकला छात्र,प्रेमानंद महाराज से मिलने की जिद में पैडल मारता रहा।

Lucknow News

UP: लखनऊ के पारा इलाके का एक 7वीं कक्षा का छात्र अचानक चर्चा का विषय बन गया है। मां की डांट से नाराज होकर घर से निकला यह बच्चा सीधे साइकिल उठाकर 400 किलोमीटर दूर वृंदावन जा पहुंचा। उसके इस सफर के पीछे कारण सुनकर हर कोई हैरान है। दरअसल, छात्र प्रेमानंद महाराज का बेहद बड़ा भक्त है और उनसे मिलने की तीव्र इच्छा रखता था। इसी लगन और जिद ने उसे घर छोड़ने और इतनी लंबी दूरी तय करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस और परिजन जब तक तलाश करते रहे, तब तक वह पैडल मारते-मारते 70 किलोमीटर आगरा एक्सप्रेसवे पर आगे निकल चुका था।

यात्रा और संघर्ष

किशोर ने बिना किसी साधन या सहयोग के केवल एक साधारण साइकिल पर यह खतरनाक सफर शुरू किया। धूप, भूख और थकान के बावजूद उसने हार नहीं मानी। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे ने रास्ते में कई जगह पानी और थोड़े बहुत खाने से ही काम चलाया। हैरानी की बात यह है कि इतनी कम उम्र का होने के बावजूद उसने लगातार कई घंटे पैडल मारते हुए न सिर्फ दूरी तय की, बल्कि अपनी मंजिल तक भी पहुंच गया। एक्सप्रेसवे पर साइकिल चलाना खतरनाक होता है, इसके बावजूद वह डटा रहा। इस बीच रास्ते में कई लोग उसे रोकने और समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उसकी श्रद्धा और जिद के आगे सभी नाकाम रहे।

परिजनों और पुलिस की प्रतिक्रिया

जैसे ही बच्चे के वृंदावन पहुंचने की खबर परिजनों तक पहुंची, घर में हड़कंप मच गया। परिवारजन पहले तो घबराए, फिर राहत महसूस की कि बच्चा सुरक्षित है। पुलिस ने भी बच्चे को समझाकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, स्थानीय लोग इस घटना को श्रद्धा और अटूट विश्वास की मिसाल मान रहे हैं। बच्चा बार-बार यही कहता रहा कि “प्रेमानंद महाराज मुझे बहुत पसंद हैं और उनसे मिलने की चाहत ने ही मुझे इतना लंबा सफर तय करने की ताकत दी।” यह घटना इस बात की गवाही देती है कि आस्था और लगन अगर सच्ची हो, तो उम्र और दूरी कभी आड़े नहीं आती।

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