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NEET UG 2026 पेपर लीक: 11 गिरफ्तार, फिजिक्स सवालों के पीछे NTA की एक्सपर्ट भी फंसी!

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक 11 गिरफ्तार, फिजिक्स के सवाल लीक करने वाली NTA की एक्सपर्ट भी फंसी। जानिए सीबीआई ने कैसे पकड़ ली पूरी साजिश और रद्द हुई परीक्षा की नई तारीख।

NEET UG 2026

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले ने देशभर में सनसनी मचा दी है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, लातूर और आहिल्यांगर से कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने इस मामले में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए। जांच से पता चला है कि यह पेपर लीक संगठित तरीके से orchestrated था और इसमें कई बिचौलियों और कोचिंग संस्थानों की भूमिका सामने आई है।

फिजिक्स के सवाल लीक करने वाली NTA एक्सपर्ट गिरफ्तार

सीबीआई ने मनीषा संजय हवलदार को पुणे से गिरफ्तार किया, जो पहले से ही प्रतिष्ठित सेठ हीरालाल सर्फ प्रशाला में कार्यरत थीं। मनीषा को एनटीए ने फिजिक्स के सवाल तैयार करने और पेपर आयोजित करने के लिए एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने सहयोगी मनीषा माथरे के साथ मिलकर कुछ फिजिक्स के सवाल साझा किए, जो बाद में नीट UG 2026 के पेपर में शामिल हो गए। यह खुलासा इस बात की ओर संकेत करता है कि पेपर लीक के पीछे सिर्फ बाहरी दबाव नहीं बल्कि अंदरूनी सहयोग भी था।

CBI का बड़ा एक्शन और पेपर रद्द

एनटीए ने 12 मई को मामले के सामने आने के बाद नीट UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया और नई परीक्षा 21 जून को आयोजित करने का निर्णय लिया। सीबीआई ने पूरे देश में कई स्थानों पर जांच की, जिसमें संदिग्ध दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए। एजेंसी ने यह भी पता लगाया कि कुछ विशेष कोचिंग संस्थाओं ने छात्रों से लाखों रुपये लेकर परीक्षा में आने वाले सवाल साझा किए। इस पूरे नेटवर्क में शामिल बिचौलियों और शिक्षकों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच जारी, असली सूत्रधार का खुलासा

विशेष जांच टीम अब तक यह पता लगा चुकी है कि पेपर लीक का वास्तविक स्रोत कौन था और कैसे प्रश्न उम्मीदवारों तक पहुंचे। अब तक की जांच से यह साफ हो गया है कि केवल छात्रों या बाहरी एजेंट्स की भूमिका नहीं थी, बल्कि परीक्षा के अंदरूनी सहयोगियों और एक्सपर्ट्स ने भी इसमें हाथ डाला। सीबीआई का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारी हो सकती है और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। इस घटना ने पूरे देश में परीक्षा सुरक्षा और विश्वसनीयता के सवाल उठाए हैं।

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