अगर आप भी ज्यादा पीते हैं काढ़ा, तो शरीर को हो सकते हैं यह नुकसान

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Ayurvedic decoction

मौजूदा दौर में जबकि पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी जानलेवा महामारी से जूझ रही है ऐसे में लोग अपनी इम्युनिटी बढ़ाने का जतन कर रहे हैं। लोग इन दिनों काढ़ा भी खूब पी रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों ने आयुर्वेदिक काढ़े को अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल कर लिया है। डॉक्टरों का कहना है कि कोव‍िड 19 नाम की इस महामारी से बचने के लिए इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत आवश्यक है। कोरोना से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने भी इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय साझा किए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने भाषणों में काढ़ा के सेवन का जिक्र किया था।

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लेकिन क्या आपको पता है कि इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय के तौर पर पिए जाने वाले इस काढ़े से सेहत को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। काढ़ा पिने से पहले आपके लिए यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि जो काढ़ा आप सेहत को सुधारने या इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे है कहीं वह आपको नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा है।

अगर काढ़े के नियमित सेवन से आपके शरीर में ये 5 लक्षण दिख रहे हैं तो आपको इसका सेवन करना तुरंत बंद कर देना चाहिए।

पेट में जलन होना
नाक से खून आना
मुंह में छाले पड़ना
पेशाब करते समय जलन होना
अपच और पेचिश जैसी समस्या

मौसम के अनुसार करे काढ़े में बदलाव 

असल में इम्यूनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक काढ़ा अलग-अलग जड़ी बूट‍ियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जो काढ़ा चलन में है उसमें काली मिर्च, अश्वगंधा, पीपली, दालचीनी, हल्दी, सोंठ और गिलोय जैसी औषधियों का मिश्रण ही।इन सभी चीजें तासीर में गर्म होती हैं और बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर यह नक्सीर जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं। कई बार बुखार भी आने लगता है इसलिए यह जरूरी है कि आप काढ़े का सेवन संतुलित मात्रा में ही करें। आप वात और पित्त दोष का ध्यान रखें. इसके लिए आपको गर्म तासीर वाली चीजें काढ़े में कम डालनी हैं और ठंडी तासीर वाली चीजें ज्यादा मौसम के अनुसार काढ़े की सामग्रियां भी बदलते रहना चाहिए।

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