अगर आपको भी सांस फूलने की शिकायत है तो उसे न करें नजरंदाज, हो सकती है बड़ी बीमारी

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नई दिल्ली। कई बार ऐसा होता है कि हमारे आसपास मौजूद लोगों में से किसी को सांस फूलने या हांफने की शिकायत होने लगती है और लोग इसे सामान्य प्रक्रिया मानकर अनदेखा करते रहते हैं, लेकिन इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। तेजी से सांस लेने कि इस प्रक्रिया को हाइपरवेंटिलेशन कहा जाता है। आमतौर पर हार्ट फेलियर, फेफड़ों में संक्रमण, दम घुटने आदि स्थिति में व्यक्ति में हांफने लगता है।

इन वजहों से फूलती है सांस

संक्रमण

कई बार ऐसा होता है जब फेफड़ों ने संक्रमण कि समस्या पैदा हो जाती है, जैसे निमोनिया या फिर सर्दी जुखाम और खासी। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इस समस्या का इलाज शीघ्र न किया जाये तो फेफड़ों में तरल पदार्थ भर जाता है, जो व्यक्ति के लगे आने वाले समय में मुश्किल पैदा कर सकता है।

सीओपीडी

सीओपीडी यह फेफड़े से जुडी एक बीमारी है। इस बीमारी में सांस की नली में सूजन और एंफिसेमा में फेफड़ों में मौजूद छोटी हवाओं की थैली नष्ट हो जाती है, जिसके चलते व्यक्ति को साँस लेने में दिक्क्त महसूस होने लगती है।

अस्थमा

जब व्यक्ति को जल्दी-जल्दी सांस आने लगे तो यह अस्थमा के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा तब होता है जब सांस की नली में सूजन आ जाती है।

शरीर में पानी की कमी

कई बार ऐसा होता है जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर की कोशिकाओं में पानी की कमी होती है और इस वजह से उसे पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती और व्यक्ति निर्जलीकरण जैसी समस्या का शिकार होकर जल्दी-जल्दी हांफने लगता है। ऐसे में व्यक्ति को सांस लेने में दिक्क्त होने लगती है।

खून के थक्के

जब किसी व्यक्ति को पल्मोनरी एंबॉलिज्म की प्रॉब्लम होती है तो उसके फेफड़ों में खून के थक्के जमने लगते हैं। ऐसे में उसकी छाती में दर्द, धड़कनों का तेजी से धड़कना, सांस लेने में तकलीफ होने लगती हैं।

सांस फूलने के लक्षण

  • गले में जलन और फेफड़ों में जलन महसूस करना।
  •  आंखों में पानी आ जाना
  • चक्कर आना या फिर बेहोशी जैसा महसूस करना
  • सांस लेते समय आवाज निकलना
  •  दिल की धड़कन का तेज हो जाना

बचाव के उपाय

  • फेफड़ों को क्षति पहुंचाने वाली चीजों जैसे कि अल्कोहल और धूम्रपान का सेवन न करें।
  • कपालभाती, प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम जैसे सरल प्राणायाम से हांफने की समस्या को दूर किया जा सकता है।
  • हाइपरवेंटिलेशन की समस्या को रोकने के लिए नियमित व्यायाम किया जा सकता है।
  • यदि आप पैनिक अटैक जैसा महसूस कर रहे हैं तो तुरंत किसी डॉक्टर से चेकअप कराएं।                                                                                                                      इसे भी पढ़ें:-केवल फेफड़े को ही नहीं, शरीर के इन अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है कोविड—19