सावधान, इन गंभीर बीमारियों का भी संकेत है अधिक बालों का झड़ना

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hair fall

आजकल कोई ऐसा इन्सान नहीं होगा जो बालों के झड़ने की समस्या से ग्रस्त ने हो। इस समस्या ने निजात पाने के लिए लोग तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट, आयुर्वेद और घरेलू नुस्खे तक आजमा लेते हैं, फिर भी उन्हें कोई फायदा नहीं होता। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा हैं तो बिना देर किये आपको तत्काल किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हो सकता है यह आपके शरीर में किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो। आज हम आपको उन बीमारियों के बारे में बताएंगे जो बालों के झड़ने का मुख्य कारण हो सकते हैं।

थायरॉइड

गंभीर और लंबे समय तक हाइपोथायरायडिज़म और हाइपरथॉयरायडिज़म होने भी बालों के झड़ने की मुख्य समस्या हो सकता है। थायरॉइड डिसऑर्डर का सही ट्रीटमेंट हो जाने से बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाई जा सकती है। साथ ही बालों की ग्रोथ भी बढ़ती है। हालांकि इस प्रॉसेस में कुछ महीनों का समय लगता है।

बीमारियों का भी हो सकता है संकेत

वैसे तो बाल झड़ना एक नैचरल प्रॉसेस है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति के हर रोज 70 से 100 बाल झड़ रहे हैं तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर झड़ते बालों की संख्या इससे कहीं अधिक है और यह समस्या दिनों दिन बढ़ रही है तो आपको सिर्फ हेयर केयर प्रॉडक्ट्स ही नहीं बल्कि किसी चिकित्सक की जरूरत है। क्योंकि गिरते बाल शरीर में पनप रही कई बीमारियों का भी संकेत होते हैं।

कैंसर

अगर किसी को कैंसर की शिकायत है तो बाल झड़ना उसकी आम समस्या है। कई बार तेजी से झड़ते बाल इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि शरीर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पनपने के चांस बढ़ रहे हैं। जैसे, हॉजकिन लिंफोमा जैसे कुछ कैंसर बालों के झड़ने का कारण हो सकते हैं। वहीं कैंसर के इलाज कीमोथेरेपी से भी बाल तेजी से बाल झड़ते हैं।

ब्लड प्रेशर

अगर किसी को लंबे समय तक हाई ब्लडप्रेशर बना रहता है तो वह भी बाल झड़ने का मुख्य कारण हो सकता है क्योंकि इस स्थिति में ब्लड आर्टरीज पर ब्लड फ्लो का अधिक प्रेशर होता है। ब्लड में सोडियम की मात्रा अधिक होती है और इसका फ्लो शरीर में ठीक ढंग से नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति बालों और हार्ट दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

ईटिंग डिसऑर्डर

ईटिंग डिसऑर्डर भी बालों के झड़ने की समस्या की मुख्य वजह हो सकती है। अक्सर यंग गर्ल्स और बॉयज स्लिम फिट बॉडी की चाहत में एनॉरेक्सिया और बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार हो जाते हैं। इनमें ज्यादातर संख्या लड़कियों और महिलाओं की होती है। सेहत से जुड़ी दूसरी दिक्कतों के साथ ही ईटिंग डिसऑर्डर हेयर लॉस की एक बड़ी वजह बन रहे हैं।

डिप्रेशन या अवसाद

अब जबकि कंपटीशन का दौर है। ऐसे में लोगों में डिप्रेशन या अवसाद की समस्या होना लाज़मी है। यह समस्या भी बालों के झड़ने का मुख्य कारण हो सकती है। कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन की गिरफ्त में आने से पहले लंबे समय तक चिंता और तनाव से घिरा रहता है। इन स्थितियों में शरीर में जरूरी हॉर्मोन प्रड्यूस नहीं होते हैं और पाचन डिस्टर्ब रहता है इस कारण बालों को जरूरी पोषण नहीं मिलता और वह झड़ने लगते हैं।

ऑटोइम्यून डिजीज

लूपुस एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इस बीमारी मेंलंबे समय तक तक सूजन बनी रहती है, जिससे फेस की त्वचा और बालों की जड़े बहुत ज्यादा प्रभावित होती हैं। ऐसे में सिर के बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। जबकि कुछ लोग आईब्रो, मूंछ और दाढ़ी के बाल झड़ने की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं।