गैंगस्टर तोता के आशियाने पर चला प्रशासन का बुलडोजर, करोड़ों का आशियाना पल भर में हुआ ढेर

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में अन्य सरकारों में गुंडों—माफियाओं की अवैध संपत्ति जहां लगातार बढ़ती जा रही थीं वहीं योगी राज में इनकी ऐसी संपत्तियां लगातार धराशायी होती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार न सिर्फ बाहुबलियों को उनकी औकात बता रही है, बल्कि उनके करीबियों व मददगारों को भी सबक सिखाने में लगी हुई है। इसी कड़ी में अवैध बिल्डिंगों पर बुलडोजर चलाने का अभियान और तेज हो गया है। संगम नगरी प्रयागराज में माफिया घोषित किए गए बाहुबली अतीक अहमद के बेहद करीबी व उनके गैंग के सक्रिय सदस्य जुल्फिकार उर्फ तोता के आशियाने को प्रशासन की तरफ से ढहाया जा रहा है। तोता को अतीक अहमद गैंग का शार्प शूटर माना जाता है। वह हिस्ट्रीशीटर भी है और इन दिनों आगरा की जेल में बंद है।

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जुल्फिकार उर्फ तोता पर गैंगस्टर भी लगा हुआ है। उस पर चालीस आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कई मुकदमे हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलवा करने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। गैंगस्टर तोता के आज जिस आशियाने को ध्वस्त किया गया है, वह शहर के करेली थानाक्षेत्र के कसारी मसारी क्षेत्र में है। तकरीबन पांच सौ स्क्वायर यार्ड में बने इस मकान का निर्माण बिना कोई नक्शा पास कराए किया गया था। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने बीते दिनों इसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इसी आदेश के अनुपालन के लिए आज नगर निगम, विकास प्राधिकरण, प्रशासन, राजस्व, पुलिस और पीएसी की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। मकान के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तीन तरफ से की गई और इसमें करीब आधा दर्जन बुलडोजरों व जेसीबी मशीनों को लगाया गया था।

इस दौरान तोता के घर की महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के चलते वह ज़्यादा देर तक विरोध नहीं कर सकीं। प्रयागराज विकास प्राधिकरण के स्पेशल अफसर सत शुक्ला का कहना है कि इस कार्रवाई में हाईकोर्ट के आदेश व पहले से तय नियमों का पूरा पालन किया गया है। हाईकोर्ट की तरफ से जो दिशा निर्देश दिए गए हैं, उन पर विकास प्राधिकरण पहले से ही अमल कर रहा है। उन्होंने कहा, हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण पर रोक नहीं लगाई है, सिर्फ कुछ औपचारिकताओं को पूरा करने के आदेश दिए हैं। विकास प्राधिकरण की तरफ से इस आदेश का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है।

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