बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को यूपी को सौंपने से पंजाब सरकार ने किया इंकार, कोर्ट में दी ये दलील

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी को यूपी सरकार को सौपने से पंजाब सरकार सौंपने से इंकार कर दिया है। मुख़्तार पर दर्ज 14 आपराधिक केसों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार बाहुबली की कस्टडी मांग रही है। बाहुबली विधायक जनवरी 2019 से पंजाब के रूपनगर जेल में बंद हैं। जहां उस पर जबरन वसूली करने का मामला दर्ज था। सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश ने याचिका दायर कर कहा है कि, राज्य में मुख्तार के न होने से केसों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश की याचिका पर पंजाब सरकार ने हलफनामा देते हुए मुख्तार को यूपी सरकार सौंपने से साफ़ इंकार कर दिया है।

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पंजाब सरकार ने इसके पीछे बाहुबली विधायक का स्वास्थ्य को बताया है। पंजाब सरकार ने ये हलफनामा जेल अधीक्षक के जरिये दायर किया है कि, मुख्तार अंसारी को मधुमेह, अवसाद, पीठ दर्द, उच्च रक्तचाप और स्किन एलर्जी पीड़ित है। सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश की दायर याचिका को खारिज करने के लिए मांग पंजाब सरकार ने की है। उन्होंने कहा है कि, डॉक्टर्स को राय के मुताबिक वो काम कर रहे हैं। उनकी विधायक को उत्तर प्रदेश दूर रखने की कोई पूर्वनिर्धारित कोई साजिश नहीं थी। पंजाब सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि, सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर की गई याचिका विचार करने योग्य भी नहीं है।

मुख्तार को पंजाब में हिरासत में रखने को यूपी सरकार अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दावा नहीं कर सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि, विधायक मुख़्तार के खिलाफ प्रदेश में गंभीर आपराधिक मामले लंबित पड़े हैं लेकिन इसके बाद भी उसे एक छोटे से अपराध के मामले में पंजाब में दो वर्ष से जेल में रखा हुआ है। यूपी सरकार का कहना है कि, कोर्ट कई बार मुख्तार की पेशी के लिए वारंट जारी कर चुकी है लेकिन पंजाब के रूपनगर जेल अथॉरिटी ने मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उसे यूपी नहीं भेज रही है।

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