बेबस भारत : मौतों से हारा यह शहर, श्मशान घाट के बाहर लगाया हाउस फुल का बोर्ड

479
कर्नाटक श्मशान

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने भारत के लोगों को निगलने का पूरा मन बना लिया है। हालात इस कदर खराब हो गये हैं कि इस जानलेवा महामारी के आगे देश खुद को पूरी तरह से असहाय और बेबस महसूस कर रहा है। देश में हर रोज कोरोना के लाखों नये मामले सामने आ रहे हैं। वहीं हजारों की संख्या में मौतें हो रही हैं। आलम यह है कि अस्पतालों और मुर्दाघरों में जगह कम पड़ने लगी है। अस्पतालों में जहां कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए बेड और दवाइयां नहीं हैं। वहीं श्मशान घाटों और मुर्दाघरों में शवों को रखने और उनका अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं है।

इसे भी पढ़ें:-श्मशानों में अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिली जगह तो लोगों ने खोज लिया एक नया रास्ता

देश के लगभग हर शहर में कोरोना से हुई मौतों के चलते लाशों के ढेर लग गया है। इसे में कई श्मशान घाटों में जगह की कमी के चलते हाउस फुल का बोर्ड लगा दिया है। कुछ ऐसा ही हाल कर्नाटक में भी देखने को मिला। यहां चामराजपेट में एक श्मशान के अधिकारियों ने शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह की कमी के कारण श्मशान के बाहर “हाउस फुल” का एक साइनबोर्ड लगा दिया। बता दें कि सोमवार को कर्नाटक में कोरोना के 44,438 नये मामले सामने आए जबकि 239 लोगों को इस वायरस की वजह से जान से हाथ धोना पड़ा।

लिखा-दाह संस्कार के लिए नहीं लिए जायेंगे शव 

जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के चामराजपेट श्मशान में एक बार में लगभग 20 शव दाह संस्कार की जगह है लेकिन सोमवार को बहुत अधिक संख्या में शव आ जाने के कारण यहां दाह संस्कार के लिये जगह कम पड़ने लगी। इसके बाद श्मशान घाट का जिम्मा संभालने वालों ने श्मशान घाट के बाहर एक बोर्ड लगा दिया और कहा कि दाह संस्कार के लिए और शव नहीं लिए जाएंगे। बता दें कि बेंगलुरु शहर में कुल 13 शवदाहगृह हैं लेकिन कोविड -19 की वजह से मरने वालों की संख्या में हुए इजाफे के कारण सभी भरे हुए चल रहे हैं।

सरकार ने दी यह अनुमति 

हालांकि कर्नाटक सरकार ने श्मशान पर बोझ को कम करने के लिए कोविड -19 मुर्दो को दफन करने के लिए बेंगलुरु के आसपास 230 एकड़ जमीन ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिक (बीबीएमपी) को आवंटित की है ताकि शवों को इसमें दफनाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में सोमवार को कोरोना संक्रमण के चलते 239 मरीजों की मौत हो गयी।  इसके साथ ही यह संख्या बढ़कर 16,250 हो गयी है, जबकि इस दौरान कोरोना के 44,438 नये मामले सामने आने के साथ अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 16 लाख के आंकड़े को पार कर गईइसके साथ ही श्मशान की हालत को देखते हुए सरकार ने परिवार के स्वामित्व वाले खेतों और भूखंडों में दाह संस्कार की अनुमति देने का फैसला किया है।

इसे भी पढ़ें:-श्मशान के बाहर नगर निगम ने लगाए बैनर, सरकार ने लिया सख्त एक्शन