सीएम योगी और दिल्ली दरबार के बीच बढ़ा तनाव! चुनाव से पहले पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की अटकलें

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को लेकर पिछले कई दिनों से अटकलें चल रही हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और सीएम योगी के बीच रिश्ते सामान्य नहीं है। चर्चा इस बात की भी चल रही है कि कैबिनेट में विस्तार के साथ पार्टी यूपी में नेतृत्व परिवर्तन करने पर भी विचार कर रही है। इस बीच अब खबर सामने आ रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी राज्य का विभाजन कर सकती है और पूर्वांचल राज्य (Purvanchal State) बनाने पर अंतिम निर्णय ले सकती है।

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पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के करीबी पूर्व आईएएस एके शर्मा (AK Sharma) को विधान परिषद सदस्य बनाने के पीछे बीजेपी की यही मंशा बताई जा रही है। इन दिनों पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) में कोरोना प्रबंधन कमान एके शर्मा संभाल रहे हैं। अगर उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल को अलग करके नया राज्य बनाया जाता है तो गोरखपुर (Gorakhpur) भी नए राज्य में आएगा। जो योगी आदित्यनाथ का गढ़ है। सीएम योगी गोरखपुर सीट से 1998 से 2017 लोकसभा सांसद रहे हैं।

गोरखपुर सहित पूर्वाचल में करीब 25 जिले शामिल हो सकते हैं, जिसमे 125 विधानसभा सीटें होंगी। बताया जा रहा है कि सीएम योगी इसे लेकर फिलहाल अब तक सहमत नहीं हैं। गौरतलब है कि बुंदेलखंड, पूर्वांचल और हरित प्रदेश की मांग पिछले काफी समय से हो रही है। पूर्वांचल में जिस पार्टी को जितनी ज्यादा सीटें मिलती हैं उसकी सत्ता में आने की संभवना उतनी ज्यादा ही बनती है। पिछले 27 वर्ष का चुनाव अगर देखा जाए तो पूर्वांचल में कभी मतदाता ने किसी एक पार्टी के साथ नहीं गया।

2017 के विधानसभा चुनाव में भले बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में धमाकेदार जीत दर्ज की हो लेकिन 10 जिलों में पार्टी आज भी कमजोर है। इन जिलों में सपा काफी मजबूत है। कुछ जिलों में बीजेपी में पिछले विधानसभा चुनाव में मजबूत हुई थी लेकिन ऐसा ही प्रदर्शन वो 2022 के चुनाव में भी दिखा पाएगी। इसमें आशंका जाहिर की जा रही है।

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