पंजाब में व्हील चेयर का सहारा ले रहा मुख्तार बांदा पहुंचते ही बैग उठाकर लगा चलने

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बांदा। पंजाब के रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल तक आने में बाहुबली विधायक को साढ़े 14 घंटे का सफर करना पड़ा। पंजाब की जेल से मुख्तार अंसारी एंबुलेंस में व्हील चेयर तक पहुंचा लेकिन बुधवार सुबह जब वो 4.30 बजे बांदा जेल पहुंचा तो अपने पैरों पर खड़ा हो गया और चल कर जेल के अदंर गया। डॉक्टरों ने उसे अपनी जांच में फिट पाया, पर वो कुछ घबराया हुआ लग रहा था। जेल प्रशासन ने मुख्तार को बैरक नंबर 15 में रखने का फैसला किया था लेकिन अब उसे 16 नंबर बैरक में रखा गया। मुख्तार की कोरोना जांच होनी है, जब उसकी रिपोर्ट आ जाएगी तब उसे 15 नंबर बैरक रखा जाएगा। इस बैरक वो अकेला ही रहेगा और कोई कैदी नहीं होगा। इसमें CCTV भी लगाए गए हैं। बांदा जेल में इस समय 780 कैदी है लेकिन इसकी क्षमता 558 कैदियों की ही है। ये जेल वर्ष 1860 में ब्रिटिश सरकार ने ही बनवाई थी।

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मुख्तार अंसारी को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा। योगी सरकार में जेल मंत्री जय प्रताप सिंह जैकी का कहना है कि मुख्तार को अन्य कैदियों की तरह है ट्रीट किया जाएगा। जो सुविधाएं दूसरों को मिल रही हैं। वही उसे भी मिलेगी। मुख्तार की हर हरकत पर सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जाएगी। वहीं जेल में आने वाले हर शख्श पर भी नजर रखी जाएगी।

बाहुबली विधायक पर 53 गंभीर मामले दर्ज हैं। बांदा में उसे शिफ्ट करने से पहले जेल की सुरक्षा को और ज्यादा बढ़ाया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं। तीस जवान तैनात किए गए हैं। जिले में अब नए किराएदारों का वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्तार के दादा आजादी से पूर्व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष थे। जबकि उसके नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान महावीर चक्र विजेता थे। वहीं चाचा हामिद अंसारी देश के उप राष्ट्रपति रहे हैं।

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