मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों पर बड़ी कार्रवाई, उमर और अब्बास इनामी अपराधी घोषित

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लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी की मुश्किलें दिन—बा—दिन बढ़ती ही जा रही हैं। योगी सरकार ने जहां करोड़ों के अवैध कब्जे को खाली करा दिया है वहीं अब उसके दोनों बेटे भी कानून की गिरफ्त में फंसते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों उमर और अब्बास को इनामी अपराधी घोषित कर दिया है। पुलिस कमिश्नर की तरफ से जारी आदेश के अनुसार मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों उमर और अब्बास पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ बीते दिनों राजधानी लखनऊ में अवैध कब्जा करने के मामले में एफआईआर कराई गई थी। इसके बाद उसके अवैध कब्जे वाली दोनों इमारतों को ढहा भी दिया गया था।

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गौरतलब है कि इसी मामले में जियामऊ के लेखपाल सुरजन लाल ने मुख्तार अंसारी और उनके दोनों बेटे उमर व अब्बास के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में जालसाजी, साजिश रचने, जमीन पर अवैध कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। लेखपाल सुरजन लाल ने आरोप लगाया था कि जिस जमीन पर मुख्तार के बेटों ने टॉवर बनवाए थे, वह मो. वसीम की जमीन थी। मुख्तार अंसारी ने अपने करीबियों के नाम से कई जगह अवैध कब्जा जमाया है, जिसके चलते इन दिनों उसके कई करीबी रिश्तेदार भी कानून के शिकंजे में आ गए हैं। प्रशासन ने करोड़ों की अनाधिकृत जमीन से कब्जा हटवाने के बाद मुख्तार की पत्नी आफसा अंसारी व उनके साले सरजील रजा और अनवर शहजाद पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी के साथ मिलकर सभी संगठित आपराधिक गिरोह के तौर पर अपराध करते हैं। इन सभी के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

इसी के साथ पुलिस ने मुख्तार अंसारी और उनके गिरोह के आर्थिक साम्राज्य पर भी नकेल कस दी है। जानकारी के मुताबिक अब तक की गई कार्रवाई में मुख्तार गिरोह की सालाना 48 करोड़ रुपए की आमदनी को बंद किया जा चुका है। पुलिस ने वाराणसी जोन के अलग-अलग जिलों में प्रतिबंधित मछली कारोबार, स्टोरेज, कोयला कारोबार, बूचड़खाना, गिरोह बनाकर वसूली सहित अन्य अवैध धंधों पर रोक लगाकर मुख्तार को तगड़ा झटका दिया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मुख्तार गैंग को मछली कारोबार से सालाना लगभग 33 करोड़ रुपए की आय होती थी।

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