चीन ने स्वीकारा अधूरा सच, माना- गलवान घाटी में मारे गए थे उसके सैनिक

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नई दिल्ली। भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में LAC पर पिछले वर्ष अप्रैल से तनाव जारी है। जून माह में ही दोनों देशों की सेनाओं हिंसक झड़प हुई थी, जिसमे भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। वहीं चीन अब तक इस बात को स्वीकार करने को बिल्कुल भी तैयार नहीं था कि, उसके कितने सैनिक इस झड़प हताहत हुए हैं। बीते एक सप्ताह में भारत-चीन के बीच तनाव कम हो रहा है, जिसके बाद ड्रैगन ने स्वीकार किया है कि, भारतीय सेना के साथ गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प में उसके 5 सैनिक मारे गए हैं।

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चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स की खबर के अनुसार, काराकोरम पर्वत पर तैनात पांच सैनिकों के बलिदान को केंद्रीय सैन्य आयोग ने याद किया है। इन सैनिकों के नाम भी बताए गए हैं। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शिनजियांग मिलिट्री कमांड के रेजीमेंटल कमांडर क्यूई फबाओ, वांग जुओरन, जियानगॉन्ग, जिओ सियुआन और चेन होंगुन हैं। चीन ने भले ही हिंसक झड़प में मारे गए सैनिकों के बारे में आज स्वीकार तो कर रहा है लेकिन, सच ये है कि, वो अभी भी अधूरा सच बोल रहा है।

भारत और चीनी सेना के बीच हुई खूनी झड़प को लेकर भारत ने दावा किया था कि, चीनी सेना के 45 सैनिक मारे गए हैं। इसके बाद अमेरिकी मीडिया और रूसी न्यूज एजेंसी टीएएसएस ने भी 45 से ज्यादा चीनी सैनिकों के मारे जाने का बात की थी। भारतीय सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने पिछले दिनों जानकारी दी थी कि, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद वाहनों से 50 चीनी सैनिकों को ले जाया गया था लेकिन, वो सैनिक जिंदा थे या मर चुके थे। इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।

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