Thursday, June 17, 2021

हाथरस की घटना को लेकर प्रियंका गांधी वाल्मीकि मंदिर के प्रार्थना सभा में हुईं शामिल

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नई दिल्ली। हाथरस में हैवानियत की घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। घटना के खिलाफ विपक्षी दल और सामाजिक संगठन उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। सभी एक सुर में प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच दिल्ली में पंचकुइन्या रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर में हाथरस की बेटी के लिए की जा रही प्रार्थना सभा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। ज्ञात हो कि इसी वाल्मीकि मंदिर में रुककर महात्मा गांधी ने स्वाधीनता की अलख जगाई थी, और आज गांधी जयंती भी है। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अन्याय के खिलाफ हम लड़ते रहेंगे। पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने तक शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने रात में अंतिम संस्कार कराए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदू धर्म में ऐसी परंपरा कहां है।

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गौरतलब है कि कल यानी गुरुवार को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी हाथरस काफिले के साथ जा रहे थे। लेकिन उनके काफीले को पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर ही रोक दिया गया था। प्रियंका व राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ पैदल ही हाथरस के लिए निकल पड़े। इस दौरान राहुल के साथ पुलिस की धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया था और भीड़ कम होने के बाद दोनों नेताओं को दिल्ली वापस भेज दिया गया। इस पर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुश्मिता देव ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश की प्रभारी है। उनका दायित्व बनता है कि वह पीड़िता के परिवार से मिलें।

ज्ञात हो कि 14 सितंबर को हाथरस जनपद के चंदपा थानाक्षेत्र की रहने वाली एक दलित लड़की से मारपीट की घटना सामने आई थी। इस दौरान लड़की की गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई थी, जिसमें उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। इलाज के लिए पीड़िता को पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। पीड़िता के मौत के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासन ने जबरन रात में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस की तरफ से जबरन अंतिम संस्कार कराए जाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया और इसकों लेकर पुलिस से झड़प भी हुई थी।

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