जानें 69 प्रतिशत भारतीय क्यों हिचक रहे हैं कोरोना वैक्सीन लगवाने से

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नई दिल्ली। भारत कोरोना संक्रमण के लिए टीकाकरण 14 जनवरी से शुरू हो सकता है। पिछले दिनों दो कोरोना वैक्सीन को कोविशील्ड और कोवैक्सिन इमरजेंसी अप्रूवल मिल चुका है, लेकिन इसके बाद हुए एक सर्वे में 69 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवाने में रूचि नहीं दिखाई है। इस सर्वे में 8,723 लोगों को शामिल किया गया था, जिसे लोकल सर्कल्स ने जनवरी माह में कराया था। इस सर्वें में सामने आया है कि, वैक्सीन को लेकर बीते वर्ष नवंबर और दिसंबर के माह में लोग एक हिचक थी। जो जनवरी 2021 में भी है। देश में वैक्सीन को लेकर 69 प्रतिशत किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।

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अक्टूबर में 61 प्रतिशत लोग वैक्सीन को लेकर जल्दबाजी में थे। वहीं नवंबर में 59 प्रतिशत और दिसंबर में 69 प्रतिशत लोगों में वैक्सीन को लेकर हिचक थी। इसके आलावा 26 प्रतिशत लोगों का कहना है कि, कोरोना वैक्सीन जैसे ही आएगी वो उसे जरूर लेंगे। सर्वे में शामिल 5 प्रतिशत लोगों का कहना है कि सरकार जो नियम और प्रायोरिटी ग्रुप्स बनाकर वैक्सीन देगी। हम उस प्रक्रिया के तहत ही उसे लगवा लेंगे। स्वदेसी कोवैक्सिन को लेकर भारत बायोटेक ने दावा किया है कि, 12 वर्ष ऊपर के बच्चों के लिए उनकी बनाई वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित है।

इस पर जब बच्चों के माता पिता से सवाल पूछा किया गया कि, क्या वो अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाएंगे। इस पर 26 प्रतिशत ने जवाब दिया कि, अप्रैल 2021 या फिर स्कूल सेशन से पहले तक कोरोना वैक्सीन अगर उपलब्ध हुई, तो वे अपने बच्चों को जरूर लगवाएंगे। 56 प्रतिशत लोगों का कहना है कि, वो तीन माह तक वैक्सीन लगवाने का इंतज़ार करेंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन के नतीजे सामने आ चुके हैं। वहीं 12 प्रतिशत लोग अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाने के पक्ष में नहीं हैं।

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