राज्यसभा में कृषि मंत्री ने विपक्ष और किसानों से किया सवाल, बताएं- कृषि कानूनों में क्या है काला?

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 71 दिनों से राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है। पिछले तीन दिनों से राज्य सभा में भी इन कानूनों को लेकर चर्चा जारी है। चर्चा के दौरान आज राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, किसानों के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, किसानों को भड़काया जा रहा है कि, उनकी जमीन चली जाएगी। हमे कोई ये बताएगा कि, कानून के किस प्रावधान के तहत किसानों से उनकी जमीन छीनने का जिक्र किया गया है।

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कानून संगठन और विपक्ष ये बताएं कि, कृषि कानूनों में काला क्या है? कृषि मंत्री ने कहा कि, पंचायतों का विकास करने के लिए हमारी सरकार ने काम किया। नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि, उनकी सरकार ने वित्तीय आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही पंचायतों को राशि दी गई है। अगर किसी गांव से सड़क गुजर रही है और किसी व्यक्ति का घर उसमे आ रहा है तो उसको मिलने वाले मुआवजे का आंकलन शहरों की ही तरह होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि, अक्सर विपक्ष के द्वारा ये बात सुनाने में आती है कि, सब कुछ तो मोदी जी की सरकार ने ही किया है। पिछली सरकारों ने तो कुछ नहीं किया है। इस प्रकार के आरोप लगाना ठीक नहीं है। सेंट्रल हॉल में मोदी जी ने अपने पहले भाषण में और 15 अगस्त के भाषण में कहा था कि, मेरे से पूर्व जो भी सरकारें आई थी उन सभी का योगदान देश के विकास में अपने समय में रहा है।

कृषि मंत्री ने मनरेगा योजना को लेकर कहा कि, इस योजना को कुछ लोग गड्ढों वाली योजना कहते थे क्योंकि, जब तक आपकी सरकार रही तब तक आपने सिर्फ गड्डें खुदवाने का काम किया गया। मुझे इस बात की ख़ुशी और गर्व है कि, इस योजना में की शुरुआत आपने की लेकिन इसे परिमार्जित (Refined) हमने किया। इस दौरान कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि, कांग्रेस सिर्फ खून की खेती करना जानती है जबकि बीजेपी सिर्फ पानी से खेती करना जानती है।

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