पाकिस्तान में गृह युद्ध की आहट, सेना और पुलिस आई आमने-सामने, हुई हिंसक झड़प

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भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है, देश की सेना और पुलिस आमने सामने आ चुकी है। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस के साथ दिखाई दे रहे हैं, सड़कों पर भी बवाल हो रहा है। इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन मोहम्मद सफदर को कराची में हुई एक संयुक्त रैली के बाद होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ़्तारी के बाद इमरान सरकार की सत्ता हिल गई, जिस सेना के दम इमरान खान देश के पीएम बने हैं उस ही सेना की इस हरकत के बाद देश में भूचाल आया हुआ है। दुनिया के इतिहास में ऐसा पहले कभी शायद देखने को मिला हो जब सेना और पुलिस आमने सामने आ जाए। सफदर की गिरफ़्तारी के बाद इमरान सरकार को ज्यादा देर नहीं लगी कि उन्होंने बड़ी गलती को अंजाम दे दिया है। इसके बाद सफदर को जमानत तो मिल गई लेकिन तब देश में लोग सरकार के इस कदम से काफी ज्यादा नाराज हो गए थे।

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सफदर की गिरफ़्तारी से पुलिस तब नाराज हो गई जब इस मामले में सेना की तरफ से हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद आईजी सहित कई पुलिस वालों ने एक साथ ही छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया। इसके बाद सरकार के होश उड़ गए, फ़िलहाल सरकार मामले को शांत करवाने की कोशिश में लगी हुई है। वहीं देश ने बढ़ते विरोध को देखते हुए सेना प्रमुख कमर जवाब बाजवा ने पूर्व पीएम के दामाद सफदर की गिरफ्तारी के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाक सेना प्रमुख ने करांची पुलिस के कमांडर को आदेश दिया कि मोहम्मद सफदर की क्यों और किन हालातों में हुई इस की जांच कर रिपोर्ट जल्द दी जाये। जिस वक़्त कैप्टन सफदर की गिरफ्तारी हुई उस ही वक़्त सिंध पुलिस के आईजी सिंध मुश्ताक महर के ऑफिस को घेरे में ले लिया गया था। खास बात यह है कि पूर्व पीएम के दामाद की गिरफ़्तारी की जानकारी सिंध सरकार को भी नहीं थी। इस गिरफ़्तारी के बाद सिंध पुलिस और सेना के बीच जंग जैसे हालात बने हुए हैं।

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