चीन मुद्दे पर बोले राजनाथ, हम किसी भी परिस्थितियों से निपटने को तैयार

26

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में भारत—चीन के बीच बीते चार महीनों से जारी गतिरोध पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति बहाली के लिए दोनों तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। भारत शांति से इसका हल चाहता है साथ ही हमारे सैनिक किसी भी परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। बता दें कि कोरोना महामारी के बीच कल से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हुई थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं सभी सदस्यों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम किसी भी परस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

इसे भी पढ़ें: जया बच्चन के समर्थन में उतरे संजय राउत, केंद्र पर फोड़ा ड्रग मामला का ठीकरा

उन्होंने कहा कि मैं सदन से यह अनुरोध करता हूं कि हमारे दिलेरों की वीरता एवं बहादुरी की प्रशंसा करने में मेरा साथ दें। हमारे बहादुर सैनिक अत्यंत मुश्किल परिस्थतियों में अपने अदम्य साहस से सभी देशवासियों को सुरक्षित रख रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने बीते कुछ हफ्तों में सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है। वहीं बीते कुछ दिनों में सीमा पर चीन के जवानों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, भारत—चीन दोनों पक्षों को एलएसी का सम्मान और सहमति का कड़ाई से पालन करना चाहिए। अपनी तरफ से किसी भी पक्ष को यथास्थिति का उल्लंघन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच हुए सभी समझौतों का पालन भी करना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 जून को चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों के साथ गलवान घाटी में हिंसक झड़प की। हमारे बहादुर सेना के जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए चीनी सैनिकों को सबक सिखाया। इस दौरान हमारे जवान भी शहीद हुए और चीन के भी कई सैनिक बारे गए। राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रैल माह से पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके बाद मई में गलवान घाटी में सैनिकों का आमना-सामना हुआ। चीनी सैनिकों की तरफ से मई महीने के मध्य में पश्चिमी लद्दाख के कई क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की गई थी। हमने चीन से कूटनीतिक और सैन्य बातचीत के माध्यम से स्पष्ट कह दिया है कि यह एकतरफा सीमा को बदलने की कोशिश है जो हमें मंजूर नहीं है।

इसे भी पढ़ें: साइलंट किलर की ऐसे करें पहचान, कोरोना संक्रमण के चलते बढ़ गया है खतरा