पालघर में नौसेना अधिकारी को जिंदा जलाया, पिता ने मांगा इंसाफ

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नई दिल्ली। चेन्नई में 30 जनवरी को किडनैप किए गए नौसेना के अधिकारी को पालघर के जंगलों में जिंदा जला दिया गया था। बुरी तरह से जल चुके अधिकारी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। नौसेना के अधिकारी का नाम सूरज कुमार दुबे था, जो झारखंड में रांची के रहने वाले थे। सूरज कोयंबटूर के पास आईएनएस तैनात थे। नौसेना अधिकारी को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उनकी शुक्रवार को मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि, वो मामले की जांच कर रही है तो जल्द से जल्द अपराधी गिरफ्त में होंगे।

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बेटे की हत्या के बाद पिता ने इंसाफ का गुहार लगाई है। सूरज के पिता मिथिलेश दुबे का कहना है कि, अपने बेटे के लिए मैं इंसाफ चाहता हूं। उन्होंने कहा कि, मैं मीडिया के माध्यम से ये बताना चाहता हूं कि, मेरे बेटे ने मरने से पहले बयान दिया था कि, उनका अपहरण हुआ था और फिरौती की मांग की गई थी। उसे तीन दिनों तक कैद करके रखा गया था। उसके बाद उसे पालघर में जिंदा जला दिया।

शुरुआती जांच के मुताबिक, सूरज जब छुट्टी से लौट रहे थे तब 30 जनवरी की रात लगभग 9 बजे लोगों ने उनका बंदूक के दम पर अपहरण कर लिया। उनकी रिहाई के लिए अपहरणकर्ताओं दस लाख रुपए की मांग की थी। नौसेना के अधिकारी को तीन दिन तक चेन्नई में बंधक बनाकर रखा और बाद में महाराष्ट्र के पालघर के घोलवड के पास जंगलों में शुक्रवार सुबह सूरज के हाथ पैर बांधकर जिंदा जला दिया और सभी अपहरणकर्ता मौके से भाग निकले।

नौसेना अधिकारी 90 प्रतिशत तक जल चुके थे। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से धहानू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा गया। इसके बाद उन्हें मुंबई के नौसेना हॉस्पिटल में भर्ती करवाने के लिए ले जाया ही जा रहा था कि, उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

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