कोलकाता उच्च न्यायालय से बीजेपी को मिली बड़ी राहत, ममता की परेशानी बढ़ना तय

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले बीजेपी प्रदेश में ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाल रही है। इस यात्रा को रोकने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका डाली गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस यात्रा की शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की थी। यात्रा पर रोक की याचिका खारिज होने से बीजेपी को जहां बड़ी राहत मिली है, वहीं ममता की परेशानी बढ़नी तय है। कलकत्ता उच्च न्यायालय में बीजेपी की रथ यात्रा रोकने के लिए याचिका टीएमसी के ही लीगल सेल का परिचय देकर याचिका दी गई थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि, न्यायालय कोई राजनीतिक बैर मिटाने का स्थान नहीं है।

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कोर्ट के इस आदेश के बाद बीजेपी ने भी राहत की सांस ली है। बीजेपी को पूरी उम्मीद थी कि, प्रशासन उनकी यात्रा को रोक सकता है, जिसकी तैयारी पार्टी ने पहले ही कर रही थी। कोर्ट में दी गयी याचिका में कोरोना संक्रमण का भी जिक्र किया गया था। याचिका में कहा गया था कि, परिवर्तन यात्रा से प्रदेश में संक्रमण की स्थिति और कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए कोर्ट से ये अनुरोध किया गया था कि, वो इस यात्रा पर रोक लगा दे। गौरतलब है कि, राज्य में 6 फरवरी से बीजेपी परिवर्तन यात्रा शुरू हुई है। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी सभी तैयारियां कर चुकी है।

पार्टी की कोशिश है कि, चुनाव से पहले राज्य के ज्यादा से ज्यादा वोटरों से संपर्क किया जाए। बंगाल विधानसभा को चुनाव को देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक दिन के बंगाल दौरे पर हैं। बंगाल में जीत दर्ज करने का जिम्मा अमित शाह ने खुद अपने कंधे पर ले रखा है। यही वजह है कि, राज्य में सियासी पारा काफी गर्म हो चुका है। टीएमसी में भड़दड मची हुई है और ममता की सबसे पड़ी परेशानी ये है कि, उन्हें अपनी पार्टी के नेताओं को रोके रखना रखना है।

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