मोदी सरकार की अमेरिकी प्रशासन ने की तारीफ, मीना हैरिस ने कहा- दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं खतरे में

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नई दिल्ली। भारत में कृषि कानूनों का विरोध सड़क से संसद तक जारी है। दिल्ली की सीमाओं पर किसान पिछले 70 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका ने नए तीनों कृषि कानूनों को लेकर भारत सरकार समर्थन कर दिया है। जो बाइडन के प्रशासन ने भारत सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि, पूरी दुनिया में इससे भारत का प्रभाव बढ़ेगा। वहीं प्राइवेट सेक्टर में निवेश का द्वारा भी खुलेगा। कृषि कानूनों पर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन एक संपन्न लोकतंत्र की निशानी है।

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भारत में जारी किसान आंदोलन के बीच नए कृषि कानूनों पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि, भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में सुधार के कदमों का बाइडन सरकार पूरा समर्थन करती है। भारत सरकार का ये कदम किसानों के लिए प्राइवेट सेक्टर से निवेश और ज्यादा से ज्यादा बाजार आकर्षित होगा। विदेश मंत्रालय का कहना है कि, अमेरिका आम तौर पर ऐसे कदमों का हमेशा स्वागत करता है। इससे भारतीय बाजारों के हालात काफी सुधरेंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि, किसी भी संपन्न लोकतंत्र की पहचान शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है। भारत की सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है। भारत सरकार को किसी भी मतभेद को बातचीत के माध्यम हल करें। अमेरिका के कई सांसद भी भारत में चल रहे किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। अमेरिकी सांसद हेली स्टीवेंस ने का कहना है कि, कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई से चिंतित हूं।

अमेरिका के कई अन्य नेताओं ने किसानों का समर्थन किया है। भारत में चल रहे कृषि आंदोलन को लेकर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भांजी मीना हैरिस अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अभी खतरे में है।

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