किसान आंदोलन में बांटी गई भिंडरावाला की महिमामंडन करने वाली किताब, आंदोलन के बहाने अपनी जड़ें मजबूत करने में लगा खालिस्तान

41

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 43 दिनों से जारी है। किसान संगठनों और सरकार के बीच 9 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला है। किसान आंदोलन को लेकर शुरू से विवाद खड़े होते रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि, इस आंदोलन के पीछे खालिस्तान मूवमेंट से सम्बंधित कुछ संगठन संक्रिय भूमिका में हैं। इनका मकसद है आंदोलन के बहाने खुद को मजबूत करना और अलगाववादी एजेंडे बढ़ावा देना। आंदोलन की शुरुआत में खालिस्तान से जुड़े कई पोस्टर दिखे थे लेकिन जब इस पर मीडिया की नज़र बनी और सुर्ख़ियों में पूरा मामला आया तो वैसे पोस्टर दिखने बंद हो गए। वहीं किसान नेताओं का आरोप है कि, बीजेपी और केंद्र सरकार आंदोलन को बदनाम कर रही है, यह उनकी के साजिश है।

इसे भी पढ़ें: अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात की जलकर मौत, पीएम मोदी और शाह ने जताया शोक

बीते बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर मुफ्त पगड़ी वितरण कार्यक्रम हुआ, जिसका आयोजन सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला नाम के संगठन ने किया था। इसमें पंजाब के किसानों को दस्तार बांधी जानी थी। वहां एक बुक स्टॉल लगा था, जिसमे ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाला और पंजाब में अलगाववाद का समर्थन करने वाले उनके अन्य साथियों का काफी महिमामंडन करने वाली किताब शहीद-ए-खालिस्तान भी बांटी गईं। इस कार्यक्रम में पंजाब के कुछ लोकप्रिय और बड़े चेहरे भी शामिल थे। इस दौरान इन किताबों को पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू और आंदोलन के समर्थन में आए सिख स्कॉलर सुखप्रीत सिंह उधोके को भी दी गई।

पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू को शहीद ए खालिस्तान बुक देते हुए सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला के उपाध्यक्ष रंजीत सिंह दमदमी टकसाल।

इस कार्य्रकम के कमान रंजीत सिंह के हाथ में थी, जो किसान आंदोलन से शुरुआत से ही जुड़े रहे हैं। ज्ञात है कि, वो खालिस्तानी संगठनों के साथ सहानुभूति रखते हैं। वो स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान के पोस्टर और बैनर भी लहरा चुके हैं।किसान आंदोलन में खालिस्तानी मूवमेंट से जुड़े लोगों की सक्रियता देखकर जब किसान नेताओं से सवाल किया जाता है तो वो कन्नी काट लेते हैं। एमपी के किसान नेता शिव कुमार कक्का कहना है कि उन्हें तो आंदोलन में अब तक कुछ ऐसा अब तक नजर नहीं आया है। ये सरकार की साजिश है आंदोलन को बदनाम करने की।

किसान आंदोलन में खालिस्तानी साहित्य की बांटी गई किताबों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी और दिल्ली पुलिस से बीजेपी प्रवक्ता तजिंदरपाल सिंह बग्गा ने कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है कि, किसान आंदोलन में लोग खालिस्तानी साहित्य बांट रहे है उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: भारत-पाकिस्तान सीमा से BSF ने छह पाकिस्तानी जवानों को किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी