किसानों ने पंजाब में तोड़े 1500 से ज्यादा मोबाइल टावर, अमरिंदर कर रहे कार्रवाई करने की बात

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नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के विरोध में उतरे किसान अब नुकसान करने पर उतर आए हैं। बीते 33 दिनों से कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसानों की तरफ से प्रदर्शन जारी है। हालांकि यह प्रदर्शन अब पूरी तरह से सियासी रंग ले लिया है या अब तक किए गए प्रदर्शनों पर गौर किया जाए तो साफ हो जाता है किसानों का यह प्रदर्शन सियासत की ही देन है। क्योंकि किसानों के प्रदर्शन की आग पंजाब से लगी और धीरे—धीरे करके देश के अधिकतर राज्यों तक पहुंच गई। कांग्रेस शासित राज्य पंजाब में राहुल गांधी समेत वहां के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसान आंदोलन को हवा देने के लिए किसान रैली भी निकाली। जानकारी के मुताबिक पंजाब में किसानों द्वारा अब तक 1500 से अधिक मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।

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आलम यह है कि जिस सरकार को सुरक्षा देनी चाहिए वह सरकार किसानों के इस हरकत पर चुप्पी साधे हुए है। प्रदेश में खुलेआम आराजकता का माहौल बना हुआ है और मुख्यमंत्री अमरिंदर से कुछ करने की जगह कार्यवाही किए जाने की बात कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि एक—दो नहीं बल्कि 1500 से अधिक मोबाइल टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। राज्य सरकार आखिर कब उपद्रवी लोगों पर कार्रवाई करेगी। हिंसक किसानों की भीड़ ने कई मोबाइल टावरों की बिजली काट दी और कई जगह तार के बंडल जला दिए हैं। किसानों के रूप में हिंसक हुई भीड़ रिलायंस पेट्रोल पंप, रिलायंस रिटेल पर गुस्सा उतारते हुए उन्हें नुकसान पहुंचाने में लगे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान और उनके सहयोगी मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पंजाब में बीते कुछ दिनों से मोबाइल टावर की पावर काटने और बिजली के तार काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इतने नुकसान के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बेशर्मी भरा बयान देते हुए कहा कि पंजाब में अराजकता या किसी निजी या सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान को सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर कोई रोक नहीं है, लेकिन संपत्ति के नुकसान को नुकसान पहुंचाने की छूट भी नहीं है। उनका यह बयान उस समय आया है जब राज्य में 1500 से अधिक मोबाइल टावरों को छतिग्रस्त कर दिया गया है और गिरफ्तारी एक भी नहीं हुई है। बता दें इससे पहले पंजाब में किसानों ने करीब दो महीने तक ट्रेन नहीं चलने दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सीएम अ​मरिंदर को कड़ी फटकार भी लगाई थी।

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