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टी20 वर्ल्ड कप में भारत से क्यों डर रहा पाकिस्तान? हरभजन सिंह ने बहिष्कार पर उठाए तीखे सवाल

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की पाकिस्तान की धमकी पर हरभजन सिंह भड़क गए। उन्होंने PCB के फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया और इसके दूरगामी नुकसान को लेकर कड़ी चेतावनी दी।

Ind vs Pak: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी दिए जाने के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने इस फैसले को क्रिकेट से जुड़ा नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। हरभजन का कहना है कि अगर पाकिस्तान वास्तव में किसी ठोस वजह से भारत के खिलाफ नहीं खेलना चाहता, तो उसे आधा-अधूरा रुख अपनाने के बजाय साफ फैसला लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान की टीम को पूरे टूर्नामेंट में खेलने की इजाजत है, तो सिर्फ भारत के मैच पर आपत्ति क्यों? हरभजन के मुताबिक, यह फैसला न तो खेल भावना के अनुरूप है और न ही इसमें कोई स्पष्ट तर्क नजर आता है।

“बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”, PCB के रवैये पर तीखा तंज

अपने यूट्यूब चैनल पर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार के रुख पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का व्यवहार ऐसा है जैसे “बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना”। हरभजन के अनुसार, अगर पाकिस्तान को भारत से मैच खेलने में इतनी ही दिक्कत है, तो उसे पूरे टी20 वर्ल्ड कप से हट जाना चाहिए था। सिर्फ एक मुकाबले को लेकर इतना हंगामा करना समझ से परे है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का यह रुख साफ तौर पर भ्रम पैदा करने वाला है, क्योंकि एक तरफ कहा जा रहा है कि टीम खेलने को तैयार है, वहीं दूसरी तरफ भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाई जा रही है। हरभजन ने बांग्लादेश के समर्थन का हवाला देकर बनाए जा रहे दबाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि बाद में यही कहा जाएगा कि ICC के दबाव में फैसला बदला गया।

करोड़ों फैन्स की अनदेखी, न्यूट्रल वेन्यू पर भी ऐतराज़ क्यों?

हरभजन सिंह ने इस पूरे विवाद में क्रिकेट फैन्स को सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबला सिर्फ दो टीमों का मैच नहीं होता, बल्कि यह दुनिया भर के करोड़ों दर्शकों के लिए एक बड़ा क्रिकेटिंग इवेंट होता है। पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में लोग इस मैच को देखना चाहते हैं, लेकिन उनके जज़्बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। हरभजन ने याद दिलाया कि इससे पहले भी मुश्किल हालातों में एशिया कप और अन्य टूर्नामेंट खेले गए हैं, क्योंकि उसमें कमाई और क्रिकेट दोनों जुड़े होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुकाबला न तो भारत में और न ही पाकिस्तान में होना था, बल्कि न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाना था। ऐसे में देशभक्ति या सुरक्षा का बहाना देना उन्हें बिल्कुल भी जायज नहीं लगा।

ICC की नजर, भविष्य में भारी पड़ सकता है फैसला

हरभजन सिंह ने अंत में पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे फैसलों का असर सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) इस पूरे मामले को गंभीरता से ले सकती है और भविष्य में पाकिस्तान को इसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे पाकिस्तान की मेजबानी के अधिकार, टूर्नामेंट आयोजन और अन्य क्रिकेट गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। हरभजन का मानना है कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना ही खेल और खिलाड़ियों के हित में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान अपने बहिष्कार के फैसले पर कितना टिकता है या फिर यह भी पहले की तरह सिर्फ बयानबाज़ी बनकर रह जाता है। क्रिकेट जगत की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हैं और आने वाले दिनों में ICC का रुख बेहद अहम साबित हो सकता है

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