भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे वनडे सीरीज के मुकाबले में रविवार को वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। भारतीय टीम की पारी के दौरान जब नौवें ओवर में कप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा आउट हुए, तो आमतौर पर जिस तरह सन्नाटा छा जाता है, वैसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। इसके उलट पूरा स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा।
दरअसल, रोहित के आउट होते ही विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतरने वाले थे। जैसे ही कोहली डगआउट से निकलकर क्रीज की ओर बढ़े, फैंस खुशी से झूम उठे। कई दर्शक खड़े होकर तालियां बजाने लगे, मानो किसी जीत का जश्न मनाया जा रहा हो। यह दृश्य भारतीय क्रिकेट में नया नहीं है, लेकिन हर बार यह बहस जरूर छेड़ देता है कि क्या किसी खिलाड़ी के आउट होने पर इस तरह की खुशी दिखाना सही है।
फैंस के व्यवहार पर विराट कोहली की नाराजगी
मैच खत्म होने के बाद जब विराट कोहली प्रेजेंटेशन सेरेमनी में आए, तो उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। कोहली ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें फैंस का यह व्यवहार पसंद नहीं आता। उन्होंने माना कि दर्शक उन्हें देखने के लिए उत्साहित रहते हैं और उनका प्यार उनके लिए बहुत मायने रखता है, लेकिन किसी खिलाड़ी के आउट होने पर जश्न मनाना सही नहीं है।
विराट ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी आउट होकर पवेलियन लौटता है, तो उसके लिए वह पल भावनात्मक रूप से कठिन होता है। ऐसे समय में स्टेडियम का जश्न उस खिलाड़ी को और ज्यादा निराश कर सकता है। कोहली ने यह भी बताया कि इससे पहले एमएस धोनी के साथ भी कई बार ऐसा हो चुका है, जब उनके मैदान में आते ही दर्शकों की खुशी किसी और के विकेट गिरने से जुड़ गई। कोहली ने कहा कि वह अब इन चीजों को नजरअंदाज कर अपने खेल पर ध्यान देने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह मुद्दा सोचने पर मजबूर जरूर करता है।
कोहली का भावुक बयान और फैंस के लिए संदेश
विराट कोहली ने अपने बयान में भावनात्मक पहलू को भी छुआ। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक सपना है जिसे वह हर दिन जी रहे हैं। लाखों लोग उन्हें खेलते देखने आते हैं और अगर उनके खेल से किसी के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इससे बड़ी उपलब्धि कुछ नहीं हो सकती।
कोहली ने यह भी कहा कि फैंस से मिलने वाला प्यार उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। हालांकि, उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश देने की कोशिश की कि टीम गेम में हर खिलाड़ी का सम्मान जरूरी है। किसी एक खिलाड़ी के लिए खुशी जाहिर करना ठीक है, लेकिन दूसरे खिलाड़ी की असफलता पर जश्न मनाना खेल भावना के खिलाफ है। विराट का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ और कई क्रिकेट फैंस ने उनके विचारों का समर्थन किया।
भारत की शानदार जीत और विराट की यादगार पारी
अगर मैच की बात करें, तो यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए पूरी तरह सफल रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। विराट कोहली शतक से जरूर चूक गए, लेकिन उन्होंने 91 गेंदों में 93 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।
यह विराट का लगातार पांचवां वनडे मैच रहा, जिसमें उन्होंने 50 से ज्यादा रन बनाए। उनके अलावा शुभमन गिल ने 56 रन और श्रेयस अय्यर ने 49 रन की अहम पारियां खेलीं। भारतीय टीम ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 301 रन बनाते हुए मुकाबला जीत लिया और सीरीज में शानदार शुरुआत की। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ मैदान पर दबदबा दिखाया, बल्कि खेल भावना को लेकर भी एक अहम संदेश दिया।