Happy Birthday Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज, शानदार बल्लेबाजी और फिटनेस के लिए पहचाने जाने वाले विराट की जिंदगी का एक दिलचस्प पहलू उनके टैटू भी हैं। उनके शरीर पर बने 13 टैटू सिर्फ फैशन या स्टाइल का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि हर निशान के पीछे कोई खास सोच, विश्वास या जिंदगी से जुड़ी याद छिपी है। किसी टैटू में माता-पिता के प्रति सम्मान दिखाई देता है तो कोई उनके आध्यात्मिक विचारों को दर्शाता है। विराट के शरीर पर बने ये टैटू उनकी निजी जिंदगी, क्रिकेट करियर और जीवन के प्रति नजरिए की झलक देते हैं। यही वजह है कि उनके जन्मदिन पर फैंस के बीच इन टैटू को लेकर भी काफी दिलचस्पी रहती है।
आध्यात्मिकता और अनुशासन से जुड़ा है खास कनेक्शन
विराट कोहली के बाएं ट्राइसेप पर बना ओम का निशान उनके आध्यात्मिक विश्वास को दिखाता है। वहीं बाएं कंधे पर बना मठ (मॉनेस्ट्री) का टैटू शांति, साधना और आत्मचिंतन से जुड़ा माना जाता है। विराट ने अपने दाहिने हाथ के ऊपरी हिस्से पर अपनी राशि वृश्चिक (स्कॉर्पियो) का निशान भी बनवाया है। 
माता-पिता के नाम और क्रिकेट कैप नंबर से जुड़ी हैं विराट की यादें
विराट के टैटू में उनके परिवार और क्रिकेट करियर की झलक भी साफ दिखाई देती है। उन्होंने अपने हाथ पर पिता प्रेम कोहली और मां सरोज कोहली के नाम गुदवाए हैं। इसके अलावा उनके हाथ पर 269 और 175 नंबर भी बने हैं। ये दोनों नंबर उनके क्रिकेट जीवन के खास पड़ावों से जुड़े हैं। 269 उनका टेस्ट कैप नंबर है, जबकि 175 वनडे कैप नंबर को दर्शाता है।
भगवान शिव से लेकर कमल के फूल तक, हर टैटू के पीछे छिपा है खास संदेश
विराट कोहली के बाएं हाथ पर भगवान शिव का एक खास टैटू बना है। इसमें भगवान शिव को कैलाश पर्वत पर ध्यान की मुद्रा में दिखाया गया है और पीछे मानसरोवर झील का चित्र है। यह डिजाइन उनके आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है। इसके अलावा उन्होंने अपने हाथ पर कमल के फूल का बड़ा टैटू भी बनवाया है। कमल का फूल कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने और सकारात्मकता बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है।
दिल्ली से शुरू हुआ सफर, अब 2027 वनडे वर्ल्ड कप पर विराट की नजर
विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से दुनिया के महान बल्लेबाजों में जगह बनाई। टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है। उनका एक बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाना है।
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