इंग्लैंड क्रिकेट टीम के हेड कोच ब्रैंडन मैक्कुलम की भूमिका अब गंभीर सवालों के घेरे में है। एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4-1 से हार के बाद टीम के कल्चर और अनुशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने महसूस किया कि मैक्कुलम ऐसे खिलाड़ियों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं जो उनकी तरह बीयर पीना, गोल्फ खेलना और वेप करना पसंद करते हैं। इस वजह से टीम में एक गुटबंदी जैसी स्थिति बन गई, जो एशेज की हार के दौरान और ज्यादा स्पष्ट नजर आई। कई खिलाड़ियों का मानना था कि इस गैर-गंभीर माहौल के कारण उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण मौके गंवाए गए।
विवादित घटनाओं और टीम का रवैया
एशेज के दौरान इंग्लैंड टीम की तैयारी और रणनीति पर भी सवाल उठे। वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैच से पहले कप्तान हैरी ब्रूक को बाउंसर से चोट लगने की घटना भी विवाद का हिस्सा बनी। नूसा में गलत समय का ब्रेक लेने के दौरान खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से नशे में दिखे, जिससे टीम के पेशेवर रवैये पर सवाल उठे। रिपोर्ट में कहा गया कि टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों को बाहर घूमने और कमरों में बंद न रहने के लिए प्रोत्साहित कर रहा था। खिलाड़ियों ने नूसा के ‘रोकोको बिस्ट्रो’ को अपना अड्डा बना लिया, क्योंकि वहां खुले में वेप करने की अनुमति थी।
अनुशासन सुधार के लिए कदम
मैक्कुलम की कोचिंग भूमिका पर खतरा तब और बढ़ गया, जब कप्तान बेन स्टोक्स ने एशेज हार की समीक्षा रिपोर्ट में टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद मैक्कुलम ने रुख बदलते हुए श्रीलंका दौरे में टीम के साथ जुड़ने का फैसला किया। उन्होंने पुरुष टीम के क्रिकेट निदेशक रॉब द्वारा लागू किए गए कड़े अनुशासन नियमों को स्वीकार किया। इसके अलावा टीम की फील्डिंग सुधारने के लिए कार्ल हॉपकिंसन की वापसी पर सहमति बनी। इन बदलावों का असर दिखा, क्योंकि इंग्लैंड ने श्रीलंका में वनडे और टी20 सीरीज में जीत दर्ज की।
टी20 वर्ल्ड कप और भविष्य की चुनौतियां
इंग्लैंड ने इसी लय को 2026 के पुरुषों के टी20 वर्ल्ड कप में बरकरार रखा। ब्रूक ने तीसरे नंबर पर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि विल जैक्स और जैकब बेथेल ने टीम को संतुलन प्रदान किया। लेकिन मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के हाथों सेमीफाइनल में हार ने टीम की पुरानी कमियों को फिर से उजागर किया। रिपोर्ट में कहा गया कि मैक्कुलम ने एशेज के दौरान हुई गलतियों को स्वीकार किया और स्टोक्स के साथ हुई बातचीत में दोनों के बीच सहमति बन गई। ईसीबी ने मैक्कुलम को नौकरी से हटाने का फैसला टाल दिया, क्योंकि ऐसा करने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। पूर्व न्यूजीलैंड कप्तान का कॉन्ट्रैक्ट अभी 18 महीने और बाकी है।
